हरियाणा के झज्जर में शुक्रवार को पुलिस लाइन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब निरीक्षण पर पहुंचे ADGP हरदीप सिंह दून ने जूती पहनकर ड्यूटी पर आए एक पुलिसकर्मी को देख लिया। ड्रेस कोड की अनदेखी पर नाराज हुए ADGP ने मौके पर ही पुलिसकर्मी को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
ADGP हरदीप सिंह दून झज्जर पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इस दौरान वे मंच से करीब 250 पुलिसकर्मियों को दिशा-निर्देश दे रहे थे। तभी उनकी नजर जूती पहने एक पुलिसकर्मी पर पड़ी। दून ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “ये जूती कैसे पहनकर आया है, व्हाट नॉनसेंस, इसे सस्पेंड करो।” इसके साथ ही उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से पूछा कि इनका इंचार्ज कौन है और ऐसे मामलों पर नजर क्यों नहीं रखी जाती।
इसके बाद ADGP ने ACP को तलब किया और कड़ी फटकार लगाई। दून ने कहा कि आप गजेटेड ऑफिसर हैं, आपको यह देखना चाहिए कि पुलिसकर्मी किस तरह की ड्रेस में ड्यूटी पर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जूती पहनना, जैकेट पहनकर आना और मनमर्जी की ड्रेस में खड़े होना स्वीकार्य नहीं है। दून ने साफ शब्दों में कहा कि यह पुलिस विभाग है, पशुपालन विभाग नहीं, यहां अनुशासन सबसे पहले आता है।
वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि ADGP ने संबंधित पुलिसकर्मी को आगे बुलाया। जब पुलिसकर्मी कुछ कहने की कोशिश करता है तो दून उसे टोकते हुए कहते हैं कि “डोंट ट्राई टू बी ओवरस्मार्ट।” इसके बाद उन्होंने ACP से कहा कि केवल देखना काफी नहीं होता, बल्कि गजेटेड ऑफिसर की तरह व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कल को DGP मौके पर आ जाएं, तो वे क्या देखेंगे।
निरीक्षण के बाद मीडिया से बातचीत में ADGP हरदीप सिंह दून ने कहा कि पुलिस एक डिसिप्लिनरी फोर्स है और यहां वर्दी का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि वर्दी पुलिसकर्मी का गहना है और हर जवान की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसकी गरिमा बनाए रखे। प्रॉपर ड्रेस में न आना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
हालांकि दून ने यह भी कहा कि कुल मिलाकर झज्जर पुलिस का काम बेहतर है और कमिश्नर राजश्री के नेतृत्व में अच्छा कार्य हो रहा है। उन्होंने बताया कि DGP अजय सिंघल के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हेडक्वार्टर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन ठीक से हो रहा है। लेकिन अनुशासन के मामलों में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।

