
- भारत एआई के क्षेत्र में असाधारण प्रगति के लिए तैयार : पिचाई
AI Summit 2026 Updates, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में चल रहे ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट-2026’ का बुधवार को तीसरा दिन था और इस दौरान इस वैश्विक कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए विभिन्न देशों के राष्ट्रध्यक्षों का दिल्ली पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी रहा। दुनियाभर के नेताओं के अलावा नीति-निर्माता व टेक उद्योग से जुड़े विशेषज्ञ कार्यक्रम में शिरकत कर रहे हैं।
सेना ने भी एक सेमिनार आयोजित किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई राष्ट्रध्यक्षों के अलावा गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई व अन्य हस्तियों के साथ मुलाकात की। समिट के तीसरे दिन भारतीय सेना ने भी एक सेमिनार आयोजित किया जिसमें आर्मी के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा उद्योग जगत के दिग्गज और बड़े शिक्षण संस्थानों के विशेषज्ञ जुटे। प्रधानमंत्री मोदी ने सुंदर पिचाई के साथ मीटिंग की स्वंय जानकारी दी। उन्होंने कहा, दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के मौके पर मिस्टर सुंदर पिचाई से मिलकर बहुत खुशी हुई। पीएम ने बताया कि एआई में भारत जो काम कर रहा है और गूगल इस फील्ड में हमारे टैलेंटेड स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के साथ कैसे काम कर सकता है, पर पिचाई से बात हुई।
गूगल भारत के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध
सुंदर पिचाई ने कहा कि भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में असाधारण प्रगति के लिए तैयार है और गूगल देश के एआई परिवर्तन में साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, एआई हमारे जीवन का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बदलाव है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर डायग्नोस्टिक्स से लेकर किसानों को रियल-टाइम अलर्ट देने जैसे बड़े स्तर की चुनौतियों को हल करने में सक्षम है। प्रधानमंत्री ने फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो के साथ भी लंबी डिप्लोमैटिक बातचीत की। उन्होंने बताया कि पेटेरी ओर्पो के साथ बातचीत के दौरान भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) की स्ट्रेटेजिक अहमियत पर जोर दिया गया। साथ ही इसे मामले में पेटेरी ओर्पो के पर्सनल सपोर्ट के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। मोदी ने बताया कि यह इंडिया-यूरोप के रिश्तों में एक सुनहरे दौर की शुरुआत करता है।
इंडिया और फिनलैंड का मकसद ट्रेड को दोगुना करना
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, इंडिया और फिनलैंड का मकसद ट्रेड को दोगुना करना है, जिससे इकोनॉमिक लिंकेज को मजबूती मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेन के प्रेसिडेंट, पेड्रो सांचेज से भी मुलाकात की। उन्होंने बताया कि प्रेसिडेंट पेड्रो सांचेज के साथ एक अच्छी मीटिंग हुई। हमने इंडिया-स्पेन दोस्ती को बढ़ावा देने के तरीकों पर चर्चा की, खासकर डिफेंस, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्र में। उन्होंने कहा, ईयू के साथ ऐतिहासिक एफटीए का स्पेन के साथ इकोनॉमिक पार्टनरशिप पर बहुत पॉजिटिव असर पड़ेगा और हमारे देशों के लोगों को नए मौके मिलेंगे।
मोदी ने सर्बिया के प्रेसिडेंट एलेक्जेंडर वुसिक से भी मुलाकात की
प्रधानमंत्री मोदी ने सर्बिया के प्रेसिडेंट, एलेक्जेंडर वुसिक से भी मुलाकात की। बता दें कि एआई समिट 16 से 20 फरवरी तक चलेगी और इसमें 110 से ज्यादा देश और 30 इंटरनेशनल आॅर्गनाइजेशन हिस्सा ले रहे हैं। लगभग 20 देश या सरकार के हेड व लगभग 45 मंत्री इसमें शामिल हैं। सम्मेलन एक बदलते हुए इंटरनेशनल प्रोसेस का हिस्सा है जिसका मकसद एआई के गवर्नेंस, सेफ्टी और समाज पर पड़ने वाले असर पर ग्लोबल सहयोग को मजबूत करना है।
भारत और सर्बिया के बीच मजबूत होंगे रिश्ते
पीएम मोदी ने सर्बिया के राष्टÑपति एलेक्जेंडर वुसिक से हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट में एलेक्जेंडर वुसिक के शामिल होने से भारत और सर्बिया के बीच मजबूत और गहरी दोस्ती को और बढ़ावा मिलेगा। जायसवाल की बातों से यह पता चलता है कि समिट में प्रेसिडेंट वुसिक के शामिल होने से दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे और करीबी रिश्ते और मजबूत होने की उम्मीद है।
समिट के लिए भारत लौटकर खुशी हो रही : गूगल सीईओ
गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई समिट के आखिरी दिन 20 फरवरी को मुख्य भाषण देंगे। भारत पहुंचने पर उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत लौटकर खुशी हो रही है और यहां हमेशा की तरह उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। पिचाई ने भारत की विविधता, बहुभाषी पारिस्थितिकी और मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को नवाचार के लिए मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक स्तर पर एआई के लोकतांत्रिक उपयोग का एक मॉडल बन सकता है। गूगल सीईओ ने जोर दिया कि एआई का विकास भरोसे, सुरक्षा और समावेशिता को प्राथमिकता देते हुए होना चाहिए, ताकि तकनीक स्थानीय भाषाओं और संदर्भों में लोगों तक वास्तविक लाभ पहुंचा सके।
पिचाई ने किया इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव ऐलान
सुंदर पिचाई ने ‘इंडिया-अमेरिका कनेक्ट इनिशिएटिव’ की भी घोषणा की, जिसके तहत अमेरिका, भारत और दक्षिणी गोलार्ध के कई क्षेत्रों के बीच एआई कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए सबसी केबल रूट विकसित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि गूगल भारत में फुल-स्टैक कनेक्टिविटी पर काम कर रहा है और भविष्य को लेकर वह बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने भारत में 15 अरब डॉलर के एआई हब की योजना का भी जिक्र किया, जिसमें गीगावॉट-स्तर की कंप्यूटिंग क्षमता और अंतरराष्ट्रीय सबसी केबल गेटवे शामिल होगा। इससे रोजगार सृजन और उन्नत एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा मिलेगा।
गूगल ने की स्किलिंग कार्यक्रमों घोषणा
गूगल ने स्किलिंग कार्यक्रमों की भी घोषणा की, जिसमें अंग्रेजी और हिंदी में गूगल एआई प्रोफेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल है, जो छात्रों और शुरूआती करियर के पेशेवरों को लक्षित करेगा। अन्य पहलों में कर्मयोगी भारत के साथ 2 करोड़ से अधिक सरकारी कर्मचारियों को समर्थन, अटल टिंकरिंग लैब्स के साथ 10,000 स्कूलों में जेन एआई टूल्स की शुरुआत और 30 मिलियन डॉलर का ‘एआई फॉर साइंस इम्पैक्ट चैलेंज’ भी शामिल है। पिचाई ने कहा कि एआई का सबसे बड़ा प्रभाव तब होता है जब इसे समुदायों को समझने वाली संस्थाओं के साथ मिलकर विकसित और लागू किया जाए, और इसी दिशा में आईआईटी, सरकारी एजेंसियों और स्थानीय संस्थानों के साथ साझेदारी के जरिए जिम्मेदारीपूर्ण और व्यापक स्तर पर एआई पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
हर व्यक्ति को मिले एआई के उपयोग का लाभ : पार्मेलिन
स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने कहा कि एआई का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि दुनिया के हर व्यक्ति को इसका लाभ मिले, साथ ही पर्यावरण और सतत विकास का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने भारत के सुरक्षित, समावेशी और प्रभावी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इकोसिस्टम के विजन का जोरदार समर्थन किया। इसके अलावा पार्मेलिन ने मानव-केंद्रित, टिकाऊ और समान विकास वाले एआई मॉडल पर भारत के साथ मजबूत सहमति जताई। उन्होंने कहा कि समिट के तीन सूत्र पीपल, प्रोग्रेस और प्लैनेट एआई के संतुलित विकास की सही दिशा दिखाते हैं।
समिट का मकसद एआई की बदलाव लाने की क्षमता पर सोचना
सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर ग्लोबल चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए दुनिया भर से सरकारी पॉलिसीमेकर्स, इंडस्ट्री एआई एक्सपर्ट्स, एकेडेमिक्स, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स और सिविल सोसाइटी के रिप्रेजेंटेटिव्स एक साथ आए हैं। ग्लोबल साउथ में हो रहे पहले ग्लोबल एआई समिट के तौर पर, इसका मकसद एआई की बदलाव लाने की क्षमता पर सोचना है, जो भारत के ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ (सबका भला, सबकी खुशी) के नेशनल विजन और एआई फॉर ह्यूमैनिटी के ग्लोबल सिद्धांत के साथ मेल खाता है।
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