रेलवे ने 2030 तक तीन हजार मिलियन टन माल ढुलाई का रखा लक्ष्य, वित्त वर्ष 2025-26 अवधि में रेलवे ने कुल 1670 मिलियन टन माल ढुलाई की
Indian Railway (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : भारत में जहां परिवहन का सबसे बड़ा साधन है वहीं यह माल ढुलाई के लिए भी सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है। यह जहां अन्य साधनों से सस्ता है वहीं सुरक्षित भी है। एक तरफ जहां इससे उद्योगपतियों को लाभ मिलता है वहीं रेलवे भी माल ढुलाई से मोटी कमाई हर साल करता है।
जोकि देश के विकास में काम आती है। वहीं अब रेलवे अपने को पहले से ज्यादा मजबूत और अपग्रेड करने में जुटा है। इसके साथ ही रेलवे ने खुद के लिए जो लक्ष्य रखा है वह 2030 तक माल ढुलाई की क्षमता प्रतिवर्ष 3000 मिलियन टन करना है। जिससे लोगों को तो फायदा होगा ही साथ ही रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी।
वर्तमान में रेलवे की माल ढुलाई में 30 फीसदी भागीदारी
एसोचैम-एईएससीएलए की रिपोर्ट के मुताबिक, फिलहाल माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी करीब 30 फीसदी है। जो आगे बढ़ने की बड़ी संभावनाएं दिखाती है। रेलवे सेक्टर इस समय तेजी से बदलाव के दौर से गुजर रहा है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं और लगभग पूरी हो चुकी विद्युतीकरण प्रक्रिया से रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ी है और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी भी मजबूत हुई है। इन सुधारों की वजह से अब माल ढुलाई पहले से ज्यादा तेज, सस्ती और भरोसेमंद हो रही है।
माल ढुलाई में भी बनाया नया रिकॉर्ड
रेलवे ने माल ढुलाई में नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2025-26 अवधि में रेलवे ने कुल 1670 मिलियन टन माल का परिवहन किया है। जो पिछले वर्ष की तुलना में 3.25 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान वैगनों की संख्या में भी 4.56 प्रतिशत की बढ़त दर्ज हुई। यह आंकड़ा 2024-25 में 2,79,12,271 से बढ़कर 2025-26 में 2,91,86,475 हो गया है। रेलवे का कहना है, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में रेलवे की भूमिका मजबूत हुई है। यह रिकॉर्ड संचालन में सुधार, क्षमता बढ़ने और रेल पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
बीते साल इतनी रही यात्रियों की संख्या
भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 में यात्रियों की संख्या और आय में मजबूत बढ़ोत्तरी दर्ज की है। इस दौरान कुल यात्रियों की संख्या 741 करोड़ पहुंची। जो 2024-25 के 716 करोड़ से 3.54 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं, रेलवे की कुल कमाई भी करीब 80,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। जो पिछले वर्ष के 75,500 करोड़ रुपये से 5.96 प्रतिशत अधिक है।
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