कहा- अफसोस है कि वो मर्दानी 3 फिल्म नहीं देख पाएंगे
Rani Mukerji, (द भारत ख़बर), मुंबई: हिंदी सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस रानी मुखर्जी को सिनेमा में काम करते हुए 30 साल हो चुके हैं। जल्द ही एक्ट्रेस बड़े पर्दे पर पुलिस आॅफिसर शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार में लौटने वाली हैं। उनकी मर्दानी फ्रेंचाइजी की तीसरी फिल्म जल्द सिनेमाघरों में दस्तक देगी। रानी हाल ही में अपनी फिल्म की रिलीज से पहले पिता को याद करके काफी इमोशनल हो गईं। उन्होंने बताया कि उन्हें इस बात का अफसोस है कि उनके पिता मर्दानी 3 नहीं देख पाएंगे।
26 बार देखी थी फिल्म साथिया
रानी मुखर्जी के पिता राम मुखर्जी फिल्ममेकर थे। उनका साल 2017 में निधन हो गया था। रानी अपनी फिल्म की रिलीज के दौरान अपने पिता को याद करके इमोशनल हो जाती हैं। वहीं हर अच्छे-बुरे पल में भी रानी को पिता की काफी याद आती है। उन्होंने आने पिता को अपना सबसे बड़ा चैंपियन बताया है। साथ ही खुलासा किया कि पिता ने उनकी फिल्म साथिया 26 बार देखी थी। उन्होंने कहा, पापा के साथ तो सब कुछ खूबसूरत था। हर चीज में पापा याद आते हैं। साथिया तो उन्होंने 26 बार देखी थी।
रानी को है ये अफसोस
रानी ने पिता को लेकर कहा, मेरे सबसे बड़े चैंपियन थे पापा। आज भी हर फिल्म के लिए थोड़ा प्राउड फील होता है, सोचती हूं कि पापा को दिखा पाती। मर्दानी तो बिल्कुल नहीं देख पाए। हर फिल्म में पापा याद आते हैं। वो हमेशा कहते थे- चीयर लीडर। बता दें कि मर्दानी साल 2014 में रिलीज हुई थी, जबकि मर्दानी 2 साल 2019 में आई थी। अब 7 साल बाद इसका तीसरा पार्ट आ रहा है।
पिता को समर्पित किया नेशनल अवॉर्ड
रानी ने साल 1996 में बंगाली फिल्म बियेर फूल से एक्टिंग डेब्यू किया था। इसका डायरेक्शन उनके पिता राम मुखर्जी ने ही किया था। जबकि उनकी हिंदी सिनेमा में शुरूआत फिल्म राजा की आएगी बारात से हुई थी। ये पिक्चर साल 1997 में रिलीज हुई थी। 30 साल के करियर में रानी को साल 2025 में फिल्म मिसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए 71वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में बेस्ट एक्ट्रेस के नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। रानी मुखर्जी ने नेशनल अवॉर्ड अपने पिता को समर्पित किया था।

