राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान ही हमलावर हुआ विपक्ष
Parliament Budget Session Live (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : रविवार को बजट पेश होने के बाद आज संसद की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी सदस्य बजट को आमजन विरोधी होने का हवाला देते हुए हंगामा करने लगे और विपक्ष का प्रदर्शन शुरू हो गया। सभापति लगातार विपक्षी सदस्यों को शांत होने की अपील कर रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय मंत्री सबार्नंद सोनोवाल आज लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद स्पीकर ओम बिरला की अनुमति से सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का प्रस्ताव रखेंगे।
सोनोवाल के धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने के बाद लोकसभा में सत्ताधारी दल के अलावा विपक्ष की तरफ से भी सांसद इस चर्चा में भाग लेंगे। स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा के लिए 18 घंटे का समय निर्धारित किया है। लोकसभा में सोमवार की कार्यवाही से जुड़ी सूचना के मुताबिक कर्नाटक से निर्वाचित भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या सोनोवाल के प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। चर्चा पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार फरवरी को लोकसभा में जवाब देंगे।
एपस्टीन फाइल पर चर्चा की मांग
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए ‘जेफरी एपस्टीन से जुड़े संचार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कथित रूप से उल्लेख करने वाली गंभीर अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों पर तत्काल चर्चा’ की मांग की। वहीं बजट 2026 पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया को लेकर भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने कहा, ‘इन्हें पढ़ना नहीं आता। अगर आप राहुल गांधी से पूछेंगे कि नॉमिनल जीडीपी क्या है, तो वह हाथ खड़े कर देंगे। उन्हें यह भी नहीं पता कि कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) क्या होता है। यह बजट देश के भविष्य की नींव रखने के लिए है।
वित्त मंत्री ने विपक्ष पर साधा था निशाना
ज्ञात रहे कि रविवार को बजट पेश करते समय विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बजट को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रावधानों के आधार पर परखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अक्सर विपक्ष हर बजट की आलोचना एक तय रुख के साथ करता है, जबकि जरूरी है कि यह देखा जाए कि योजनाओं से गरीब, मध्यम वर्ग, किसान और युवाओं को कितना लाभ मिलेगा। उन्होंने संकेत दिया कि बजट की पारदर्शिता पहले से ज्यादा है और बिना पूरी जानकारी के उसे खारिज करना उचित नहीं है।
वित्त मंत्री ने कहा कि लोगों को देखना चाहिए कि बजट की योजनाएं उनके जीवन से जुड़े मुद्दों को कितना संबोधित करती हैं। टैक्स नीति में सरकार की निरंतरता भी अहम है। हर साल बदलाव हो रहा है या स्थिरता है, यह देखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि अब बजट पहले की तुलना में ज्यादा पारदर्शी है और हर वर्ग के लिए योजनाओं का स्पष्ट उल्लेख होता है। अगर किसी वर्ग को लाभ नहीं मिल रहा तो उस पर भी खुलकर चर्चा होनी चाहिए।
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