पश्चिमी एशिया में युद्ध के चलते कच्चा तेल आयात हो रहा प्रभावित, पेट्रोल-डीजल संकट पैदा होने के आसार
US-Iran War (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के जवाब में ईरान ने करीब नौ खाड़ी देशों पर हमले किए हैं। इससे पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति बन चुकी है। इस सबसे ज्यादा असर हो रहा है ईरान द्वारा हेमुर्ज स्टेÑट बंद करने के चलते। विश्व में सामान आपूर्ति का यह मुख्य मार्ग है और विश्व का आधे से ज्यादा व्यापार विशेषकर कच्चे तेल की सप्लाई इसी रूट से होती है।
यह रूट बंद होने के कारण कई देशों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत हो सकती है। इसी बीच भारतीय सरकार के सूत्रों के हवाले से भी यह जानकारी सामने आई है कि भारत के पास केवल 25 दिन का ही स्टॉक बचा है। जाहिर है कि आने वाले दिनों में भारत में भी पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत आए।
रूस की तरफ से यह बयान आया सामने
रूस ने मंगलवार को संकेत दिया कि वह मिडिल ईस्ट में चल रहे संकट से पैदा होने वाली किसी भी रुकावट की स्थिति में एनर्जी सप्लाई में भारत की मदद करने के लिए तैयार है। यह बात खाड़ी तनाव के एनर्जी सप्लाई और कीमतों पर पड़ने वाले असर को लेकर दुनिया भर में बढ़ती चिंताओं के बीच कही गई है। सूत्रों के हवाले से कहा कि गल्फ संकट के कारण होने वाली रुकावट की स्थिति में रूस एनर्जी सप्लाई में भारत की मदद करने के लिए तैयार है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत मिडिल ईस्ट में हो रहे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच दुश्मनी बढ़ गई है, जिससे व्यापार, शिपिंग लेन और एनर्जी मार्केट पर असर पड़ रहा है। ज्ञात रहे कि इस सबके बीच ईरान ने यूएई की तेल रिफाइनरियों और प्रोडक्शन साइट्स सहित कई इलाकों के देशों को निशाना बनाया है।
युद्ध को लेकर ट्रंप का यह बयान आया सामने
ईरान के खिलाफ चल रहे मौजूदा युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही यह कह चुके हैं कि अमेरिका इस युद्ध को लंबी अवधि तक जारी रख सकता है। गत दिवस ट्रंप ने अपने बयान में कहा था कि उन्होंने युद्ध के शुरुआती दिनों में ही ईरान को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। लेकिन यदि ईरान अपना अड़ियल रवैया नहीं छोड़ता तो अमेरिका एक लंबा युद्ध लड़ने के लिए भी तैयार है।
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