भारत के विदेश मंत्री ने अपने ईरानी समकक्ष सहित कई खाड़ी देशों के नेताओं सहित की वार्ता
S. Jaishankar (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध का आज 38वां दिन है। इसके साथ ही आने वाले कुछ दिन इन दोनों देशों के साथ-साथ खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया के लिए भी अहम हैं। इसके पीछे अमेरिकी राष्टÑपति की उस चेतावनी को बताया जा रहा है जिसमें उन्होंने ईरान को हॉर्मुज खोलने और अमेरिका की शर्तें मानने के लिए मंगलवार तक का समय दिया है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव और भी ज्यादा बढ़ गया है। इसी बीच भारत के कूटनीतिक प्रयासों के चलते विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और ईरान के साथ उसका संवाद जारी है।
विदेश मंत्री ने इन देशों के नेताओं के साथ की वार्ता
रविवार को कतर, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान के नेताओं से बातचीत की। उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी, यूएई के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान और ईरान के विदेश मंत्री से अलग-अलग चर्चा की। इन वातार्ओं में नेताओं ने पश्चिम एशिया के संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर इसके प्रभाव पर बात की।
विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के साथ क्षेत्र में चल रहे युद्ध और तनाव पर विचार साझा किए गए। इसके बाद जयशंकर ने यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से संपर्क किया। उन्होंने पश्चिम एशिया की उभरती स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
ईरानी विदेश मंत्री से हुई मौजूदा स्थिति पर बात
इसी कड़ी में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरघची ने भी डॉ. जयशंकर को फोन किया। जयशंकर ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री के साथ उनकी बातचीत मौजूदा हालात पर केंद्रित रही। भारत इन महत्वपूर्ण देशों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है ताकि क्षेत्र की स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा सके।
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