कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर पहुंचे दो जहाज, एक अन्य चार अप्रैल को पहुंचेगा
Crude Oil Reserves (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों से जहां विश्व के बहुत सारे देश तेल व गैस किल्लत से जूझ रहे हैं वहीं भारत इस मुश्किल स्थिति से खुद को लगातार निकाल रहा है। यह भारत सरकार की नीति और दूरदर्शिता ही है कि हॉर्मुज स्ट्रेट जहां ईरान ने पूरी दुनिया के लिए बंद कर दी थी वहीं उस समय भारत के कई तेल और गैस से लदे पोत वहां से सुरक्षित निकले।
जिससे भारत जैसे विशाल देश में तेल और गैस की किसी तरह की किल्लत नहीं हुई। इतना ही नहीं भारत केवल हॉर्मुज स्ट्रेट पर ही निर्भर नहीं रहा बल्कि उसने विश्व के अन्य हिस्सों से भी कच्चा तेल और गैस आयात शुरू कर दी। इनमें से ईरान भी एक ऐसा देश है जहां से भारत ने सात साल बाद कच्चा तेल आयात किया है।
अफ्रीका और रूस से आई कच्चे तेल की खेप
इस बीच, कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर औद्योगिक गतिविधियों में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है। यहां दो और विशालकाय कच्चे तेल से लदे जहाज पहुंच चुके हैं। इस बड़ी खेप के आने से ‘मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड’ (टफढछ) के लिए कच्चे तेल की हालिया सप्लाई काफी मजबूत हो गई है। अफ्रीका और रूस से आए इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर 1.85 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा कच्चा तेल मौजूद है।
जानकारी के मुताबिक, इस कड़ी में पहला जहाज ‘सनराइज वे’ सोमवार को ही यहां पहुंच गया था। यह जहाज अपने साथ अफ्रीका के मांडजी से कुल 88,152 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर आया है। खबर लिखे जाने तक जहाज से तेल खाली करने का काम तेजी से चल रहा है।
97,354 मीट्रिक टन कच्चा तेल भी पहुंचा
इसी बीच, समंदर की लहरों को चीरता हुआ एक और बड़ा टैंकर ‘नागार्जुन’ भी न्यू मंगलौर पोर्ट के सिंगल पॉइंट मूरिंग पर पहुंच चुका है। अधिकारियों ने बताया कि यह जहाज रूस के प्रिमोर्स्क पोर्ट से रवाना हुआ था। इसमें 97,354 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है। इस जहाज से तेल को उतारने का काम आज यानी 1 अप्रैल से ही शुरू किया जाना तय हुआ है। बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती। पोर्ट अथॉरिटी ने एक और अच्छी खबर देते हुए बताया कि आने वाले 3 अप्रैल को ‘देशभक्त’ नाम का एक और बड़ा टैंकर यहां पहुंचने वाला है।
सरकार का यह बयान आया था सामने
सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। रोजाना 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर की डिलीवरी हो रही है। हालांकि अफवाहों के कारण कुछ जगहों पर भीड़ देखी गई। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर खरीदारी न करें और अफवाहों पर भरोसा न करें। सरकार ने यह भी कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने की पूरी कोशिश की जा रही है।
ये भी पढ़ें : GST Collection : जीएसटी कलेक्शन से भरी केंद्र सरकार की तिजोरी

