Dharuhera News : रेवाड़ी-पलवल हाईवे पर अलवर बाइपास के पास जलभराव की समस्या से पिछले एक माह से राहत को मिल गई है, लेकिन भिवाड़ी का काला पानी बजरंग नगर होता हुआ धारूहेड़ा पहुंच रहा है। बता दे कि पिछले कई दिनों से भिवाड़ी की ओर से आ रहा काला और दूषित पानी सोसायटी के पीछे जमा हो रहा है। बजरंग नगर और एमटूके सोसाइटी के पास पानी के ठहराव से लोग परेशान है। उनका आरोप है कि तेज दुर्गंध के कारण लोगों का घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है।Dharuhera News
स्कूल से पार्क के पीछे से आ रहा पानी: जहां भिवाड़ी प्रशासन बार बार यही कहता है उनका काला पानी हरियाणा में नहीं आ रहा है जबकि भिवाड़ी के अलवर बाइपास बने एक स्कूल के पार्क से धडल्ले से काला पानी धारूहेड़ा में छोडा जा रहा है। रोजाना तेजी से आ रहा पानी बजंरग नगर व एमटूके सोसायटी के पीछे जमा हो गया है।Dharuhera News
स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि अलवर बाइपास के पास एक निजी स्कूल परिसर से होकर यह गंदा पानी धारूहेड़ा की ओर आ रहा है। एमटूके सोसाइटी के आरडब्ल्यूए प्रधान सुरेंद्र शर्मा, सेक्टर चार के पूर्व प्रधान राजबीर यादव, उपचेयरमैन अजय जांगड़ा, ओमप्रकाश, धर्मपाल, त्रिलोक धारीवाल और पार्षद राजकुमार ने कहा कि पिछले चार-पांच दिनों से स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। जलभराव के कारण आसपास चलना-फिरना भी मुश्किल हो गया है और मच्छरों के बढ़ने से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।
कोई सुनवाई नहीं, रोज आ रहा पानी: लोगों का आरोप है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभागों को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। स्थानीय निवासियों ने नगर पालिका और रेवाड़ी प्रशासन से मांग की है कि भिवाड़ी से आने वाले दूषित पानी को तुरंत रोका जाए और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि क्षेत्रवासियों को इस गंभीर समस्या से राहत मिल सके।Dharuhera News
बंजर हो चुकी कई एकड जमीन: भिवाड़ी से आ रहे काले पानी से धारूहेड़ा व आस पास के गांव के करीब 200 एकड से ज्यादा जमीन बंजर हो चुकी है। छोडे जा रहे पानी को लेकर एनजीटी फटकार के साथ राजस्थान प्रशासन पर जुर्माना भी लगा चुकी है उसके बावजूद राजस्थान से पानी नहीं थम रहा है। राहत के लिए धारूहेड़ा सीमा में अवरोधक बनाया तो कुछ राहत मिली थी लेकिन अब स्कूल के पीछे से चोरी छीपे से काला पानी हरियाणा में छोडा जा रहा है।Dharuhera News

