हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना शहर थाना में तैनात सब-इंस्पेक्टर जीत सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) रोहतक की टीम ने 1.50 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ACB ने आरोपी SI के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई शुक्रवार को गोहाना की नई सब्जी मंडी क्षेत्र में की गई।
ACB को यह शिकायत सोनीपत के जवाहर नगर निवासी राजेश कुमार ने दी थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी बहन के देवर पवन के खिलाफ अक्तूबर 2025 में थाना शहर गोहाना में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। आरोप है कि पवन ने सेक्टर-7 में “PNL More Than Bank” नाम से एक संस्था बनाकर लोगों को कम समय में पैसे डबल करने का लालच दिया और करोड़ों रुपये जमा करवा लिए। जब निवेशकों की एफडी की अवधि पूरी होने लगी तो आरोपी बैंक पर ताला लगाकर फरार हो गया। इस मामले में पवन समेत अन्य लोगों पर भी केस दर्ज किया गया था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि पवन की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच कर रहे SI जीत सिंह ने रिमांड के दौरान मारपीट करने और परिवार के अन्य निर्दोष सदस्यों को गिरफ्तार करने की धमकी दी। इसी के चलते जांच अधिकारी ने पहले 3.50 लाख रुपये रिश्वत के रूप में वसूल लिए। बाद में परिवार के अन्य सदस्यों के नाम केस से हटाने के बदले 10 लाख रुपये की मांग की गई, जो आपसी बातचीत के बाद 3 लाख रुपये में तय हुई।
राजेश कुमार ने ACB को बताया कि रिश्वत की मांग से जुड़ी बातचीत को उसने रिकॉर्ड कर लिया था। शुक्रवार को SI जीत सिंह ने उसे 1.50 लाख रुपये की पहली किस्त देने के लिए गोहाना बुलाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय स्थान पर आरोपी को रिश्वत की राशि दी, पहले से घात लगाए बैठी ACB रोहतक की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
ACB अधिकारियों के अनुसार आरोपी सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और यह भी जांच की जा रही है कि इस मामले में कोई अन्य पुलिसकर्मी या व्यक्ति संलिप्त तो नहीं है। ACB ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लिप्त अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा और इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

