कहा- मोदी सरकार ने राज्यों से सलाह किए बिना फैसला लिया
CM Siddaramaiah, (द भारत ख़बर), बेंगलुरु: महात्मा गांधी को पहली बार गोडसे ने मारा था। लेकिन मनरेगा को खत्म करके केंद्र सरकार ने दूसरी बार महात्मा गांधी को मारा है। यह कहना है कर्नाटक के सीएम सिद्धरमैया का। सिद्धरमैया बेंगलुरु में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान सिद्धरमैया ने मनरेगा स्कीम की जगह लाए गए विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट की आलोचना की। उन्होंने कहा, मनरेगा का मकसद गरीब और छोटे किसानों को फायदा पहुंचाना था, लेकिन मोदी सरकार ने राज्यों से सलाह किए बिना यह फैसला लिया, जो तानाशाही रवैया दिखाता है।
मनरेगा को फिर से शुरू करने की जरूरत
सिद्धारमैया ने बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर महिलाओं, दलितों का विरोध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, मनरेगा को खत्म करके वे कॉर्पोरेट हितों की मदद कर रहे हैं और ग्रामीण आजीविका को नष्ट कर रहे हैं। विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन बिल खत्म कर मनरेगा स्कीम को फिर से शुरू करने की जरूरत है।
जल्दबाजी में पास किया गया कानून
ये कानून संसद में जल्दबाजी में पास कराया गया। 17 दिसंबर को पेश किया गया और अगले ही दिन बिना किसी बहस या फेडरल सलाह के पास कर दिया गया। यह कदम ग्राम सभाओं और ग्राम पंचायतों से उनके वैधानिक अधिकार छीनता है
यह संविधान के खिलाफ
पहले मजदूरी का 100% केंद्र सरकार देती थी। अब केंद्र मजदूरी का 60% देगा और राज्य सरकारों को बाकी 40% देना होगा। आर्टिकल 280(3) के मुताबिक यह संविधान के खिलाफ है। ग्राम सभाओं और ग्राम पंचायतों के जो अधिकार थे, उन्हें केंद्र ने छीन लिया है। मनरेगा ने आम लोगों को सम्मान के साथ जीने का मौका दिया और कृषि कार्य को रोजगार गारंटी कार्यक्रमों के साथ जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया।
10 जनवरी से चलेगा मनरेगा बचाओ संग्राम
वहीं कांग्रेस ने मनरेगा को फिर से लाने के लिए 10 जनवरी से 25 फरवरी तक मनरेगा बचाओ संग्राम चलाने की घोषणा की है। इस आंदोलन के तहत देशभर में जिला, पंचायत, वार्ड और राज्य स्तर पर कार्यक्रम होंगे।
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