हवा की गति कम होने से बढ़ा प्रदूषण का स्तर, राहत ने नहीं हैं आसार
Delhi Pollution (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : अक्टूबर से राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में बना हुआ है। इस अवधि के दौरान एक्यूआई ज्यादात्तर दिन 300 से ऊपर रहा और हवा की स्थिति बेहद खराब रही। यह सिलसिला अब जनवरी में भी जारी है। राजधानी की हवा में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा है और लोग साफ हवा के लिए तरस रहे हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर 2025 से लेकर अब तक दिल्ली में बारिश नहीं होना भी इसका मुख्य कारण है। इसी वजह से दिल्ली में हवा को प्रदूषित करने वाले कण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके हैं। जिससे वायुमंडल में इनकी एक मोटी परत बन चुकी है। जैसे ही शुक्रवार को हवा की गति कम हुई तो इस परत का दबाव बन गया और एक्यूआई और भी नीचे चला गया।
आज सुबह इतना था प्रदूषण का स्तर
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम फॉर दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शनिवार सुबह दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 358 दर्ज किया गया है, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में एक्यूआई की स्थिति पर नजर डालें तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के अलीपुर में 309, आनंद विहार में 425, अशोक विहार में 369, आया नगर में 338, बवाना में 354, बुराड़ी में 316, और चांदनी चौक इलाके में 408 एक्यूआई दर्ज किया गया है। वहीं, डीटीयू इलाके में 339, द्वारका सेक्टर-8 में 401, रोहिणी में 380, सोनिया विहार में 349, विवेक विहार में 414, और वजीरपुर में 383 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
दिल्ली में हालात इसलिए चिंताजनक
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में दिल्ली का वार्षिक औसत एक्यूआई 201 रहा। यह चिंताजनक है कि पूरे साल एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जब हवा की गुणवत्ता अच्छी श्रेणी में रही हो। इस दौरान दिल्ली में 79 दिन संतोषजनक, 121 दिन मध्यम, 86 दिन खराब, 71 दिन बहुत खराब और आठ दिन गंभीर श्रेणी में दर्ज किए गए। 2024 की तुलना में, 2025 में संतोषजनक दिनों की संख्या थोड़ी बढ़ी (66 से 79), जबकि गंभीर श्रेणी के दिनों की संख्या कम हुई (17 से 8)। हालांकि, बहुत खराब दिनों की संख्या लगभग समान रही। रिपोर्ट में बताया गया कि 2025 में एक्यूआई में मामूली सुधार का मुख्य कारण जून और जुलाई के दौरान बेहतर वायु गुणवत्ता रही।

