हरियाणा के नारनौल में प्रस्तावित सिक्स लेन बाईपास परियोजना को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने लघु सचिवालय में संबंधित विभागों के अधिकारियों की बैठक लेकर प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की।
बैठक में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंशा के अनुरूप इस बाईपास के निर्माण से शहर को भारी वाहनों के दबाव और ट्रैफिक जाम से स्थायी राहत मिलेगी। साथ ही यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए नई जीवन रेखा साबित होगी।
लॉजिस्टिक हब और मेडिकल कॉलेज से सीधा कनेक्शन
उपायुक्त ने बताया कि यह बाईपास नारनौल में बन रहे इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और महर्षि च्यवन मेडिकल कॉलेज को सीधे जोड़ेगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और निवेश के नए अवसर खुलेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना जिले के लिए गेम-चेंजर साबित होगी।
इन गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
भू-अधिग्रहण की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अमरपुर जोरासी, बशीरपुर, गहली, कोरियावास, कुलताजपुर, टहला, मकसूसपुर, थाना और रघुनाथपुरा गांवों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है।
उपायुक्त ने बिजली निगम, सिंचाई विभाग और वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से बाधाओं को जल्द दूर करें और बिजली लाइनों के स्थानांतरण का कार्य तय समय सीमा में पूरा करें।
30 मिनट तक बचेगा यात्रा समय
करीब 11.96 किलोमीटर लंबे इस बाईपास के बनने से यात्रा समय में लगभग 30 मिनट तक की बचत होगी। साथ ही शहर के चारों ओर मजबूत रिंग रोड नेटवर्क विकसित होगा, जिससे ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर होगा।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि यह मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट है और इसमें किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी औपचारिकताएं शीघ्र पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिला राजस्व अधिकारी राकेश कुमार और बिजली निगम के एक्सईएन सरताज सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

