पीएम मोदी ने संसद भवन में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ की बैठक
Oil Crisis, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: ईरान-इजराइल जंग के बीच भारत में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को कहा कि राज्यों को 10% ज्यादा एलपीजी कोटा देने का आॅफर दिया गया है। साथ ही राज्यों से धीरे-धीरे एलपीजी की जगह पीएनजी अपनाने में मदद करने को कहा गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की अधिकारी सुजाता शर्मा ने कहा कि घरेलू एलपीजी उत्पादन 40% बढ़ा है लेकिन हालात पूरी तरह ठीक नहीं हुए हैं। एलपीजी की दिक्कत अभी भी बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि आॅनलाइन बुकिंग बेहतर हुई है लेकिन डिस्ट्रीब्यूटर के यहां अभी भी लंबी लाइनें लग रही हैं। वहीं कच्चे तेल-गैस की सप्लाई को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को संसद भवन में पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बैठक की। इसमें कच्चे तेल और गैस की उपलब्धता, उनके इम्पोर्ट और संभावित संकट से निपटने की रणनीति पर चर्चा की गई।
कुछ हफ्तों का तेल स्टॉक मौजूद
करीब 2 घंटे चली बैठक में सरकार ने अपने आपातकालीन तेल भंडार की भी समीक्षा की है। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकारियों के मुताबिक देश के पास कुछ हफ्तों का तेल स्टॉक मौजूद है, जिससे फिलहाल संकट की संभावना कम है। दरअसल होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से दुनियाभर में तेल सप्लाई पर असर पड़ा है। हालांकि युद्ध के माहौल में भारत के तीन जहाज शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी तेल-गैस लेकर गुजरात के पोर्ट्स पर पहुंचे हैं।
पोर्ट्स पर फंसे 25 भारतीयों को वापस लाया गया
वहीं, शिपिंग मिनिस्ट्री के अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कई पोर्ट्स पर फंसे 25 भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया गया है। कंट्रोल रूम को 125 कॉल और 450 ईमेल मिले हैं। कुछ गैस जहाजों से माल उतारने का काम जारी है और विशाखापट्टनम पोर्ट पर अतिरिक्त स्टोरेज भी बनाया गया है। किसी भी बंदरगाह पर भीड़ या दिक्कत की खबर नहीं है।
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