US-Iran War Update (द भारत ख़बर), फ्लोरिडा: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 29वां दिन है और इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट आफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को ‘स्ट्रेट आफ ट्रंप’ कहा है। यहां ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव प्रायोरिटी समिट’ के दौरान एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आज यह बात कही। यूएस प्रेसिडेंट ने यह भी कहा कि ये बातें कहते समय उनसे कोई गलती नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि उन्हें (ईरान) ‘स्ट्रेट आफ ट्रंप’ खोलना होगा।
ईरान दबाव में, बातचीत करने को तैयार
ट्रंप ने अपने संबोधन में यह भी दावा किया कि ईरान दबाव में है और बातचीत करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि तेहरान ने चल रही बातचीत के तहत तेल की कई खेप भेजी हैं। उन्होंने कहा, वे समझौता करने की भीख मांग रहे हैं। यूएस प्रेसिडेंट ने यह भी कहा कि बातचीत अभी चल रही है।
स्ट्रेट आफ होर्मुज खोलना समझौते का अहम हिस्सा
ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि स्ट्रेट आफ होर्मुज (Strait of Hormuz) – जो कि वैश्विक तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण और संकरा रास्ता है – को खोलना किसी भी संभावित समझौते का एक अहम हिस्सा होगा। उन्होंने कहा, उन्हें बहुत जोर का झटका लगा है। कोई भी इस स्थिति में बातचीत करता। वे भी बातचीत कर रहे हैं। वे समझौता करने की भीख मांग रहे हैं। यूएस प्रेसिडेंट ने यह भी कहा कि यह भी साबित हो गया कि मैं सही था। वे बातचीत कर रहे थे, जिसे उन्होंने दो दिन बाद खुद मान भी लिया।
ऐसे सही साबित हुआ कि हम सच में बात कर रहे थे
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, ईरान ने कहा, हम आपको तेल के आठ जहाज भेजेंगे और अगले ही दिन, मैंने एक न्यूज चैनल पर देखा कि ईरान से तेल के 8 जहाज निकल रहे थे। फिर उन्होंने कहा, हम दो जहाज और भेजेंगे और उन्होंने दो जहाज और भेज दिए। हमारे पास कुल 10 जहाज हो गए। तब लोगों को एहसास हुआ कि हम सच में बातचीत कर रहे थे। हम अभी भी बातचीत कर रहे हैं। और अगर हम कुछ कर पाए तो यह बहुत अच्छी बात होगी, लेकिन इसके लिए उन्हें वह रास्ता खोलना ही होगा।
पावर प्लांट पूरी तरह से तबाह करने की धमकी
ट्रंप ने मांग की है कि ईरान कुछ ही दिन में इस महत्वपूर्ण जलमार्ग (स्ट्रेट आफ होर्मुज) को पूरी तरह से खोल दे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो अमेरिका उसके पावर प्लांट को पूरी तरह से तबाह कर देगा। हालांकि, गुरुवार को उन्होंने तेहरान के साथ चल रही वार्ता का हवाला देते हुए इस समय सीमा को 10 दिन के लिए बढ़ा दिया। अब नई समय सीमा 6 अप्रैल तय की गई है।
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