चंडीगढ़ नगर निगम ने साफ संकेत दे दिया है कि शहर में खुलेआम कूड़ा जलाने वालों के लिए अब कोई रियायत नहीं होगी, फिर चाहे वह आम नागरिक हो या निगम से जुड़ा कर्मचारी। इसी सख्त नीति के तहत नगर निगम ने अपने ही एक आउटसोर्स सफाई कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए न केवल चालान काटा, बल्कि उसे तत्काल प्रभाव से सस्पेंड भी कर दिया है।
मामला सेक्टर-44 का है, जहां तैनात सफाई कर्मचारी रविंदर कुमार को खुले में कूड़ा जलाते हुए पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि कर्मचारी ने म्युनिसिपल सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियमों का उल्लंघन किया है। इसके बाद नगर निगम ने उस पर 6,701 रुपये का जुर्माना लगाया। यह कर्मचारी लायंस सर्विसेज एजेंसी के माध्यम से नगर निगम में कार्यरत था।
इस पूरे प्रकरण पर नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार (IAS) ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कचरा जलाना पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा है। इससे वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका सीधा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों पर पड़ता है। कमिश्नर के निर्देश मिलते ही संबंधित एजेंसी ने कर्मचारी को तुरंत ड्यूटी से सस्पेंड कर दिया।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक स्पष्ट संदेश है कि अब नियमों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। निगम ने चेतावनी दी है कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति—चाहे वह स्थायी कर्मचारी हो, आउटसोर्स कर्मी हो या आम नागरिक—कूड़ा जलाते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का मानना है कि चंडीगढ़ जैसे शहर में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल नियमों से नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी से संभव है। इसी को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने सभी नागरिकों और सफाई कर्मचारियों से अपील की है कि वे कचरा प्रबंधन के नियमों का पालन करें और शहर को प्रदूषण मुक्त बनाए रखने में सहयोग करें।
नगर निगम की यह सख्ती आने वाले समय में उन लोगों के लिए चेतावनी मानी जा रही है, जो अब तक खुले में कूड़ा जलाने को मामूली लापरवाही समझते थे। साफ है कि अब चंडीगढ़ में पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय है।



