
दूसरे दिन भी देशभर में हुए प्रदर्शन, यूपी में सवर्ण युवकों ने मुंडन कराया, बिहार में फांसी मांगी
UGC New Rules Protest Update, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: यूजीसी के नए नियमों के खिलाफ दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। बुधवार को सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच ने वकीलों की दलीलों पर ध्यान दिया। सीजेआई ने कहा, हमें पता है कि क्या हो रहा है। सुनिश्चित करें कि खामियों को दूर किया जाए। हम इसे लिस्ट करेंगे।
वहीं आज दूसरे दिन भी जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स और सवर्ण जाति के लोगों का प्रदर्शन जारी रहा। यूपी-बिहार में आज भी जमकर हंगामा हुआ। स्टूडेंट्स और सवर्ण जातियों के लोग सड़कों पर उतरे। यूपी के पीलीभीत में सवर्ण समाज के युवकों ने मुंडन कराया। बिहार में पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के पोस्टर पर कालिख पोती गई।
क्यों हो रहा विरोध?
- यूजीसी ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इसका नाम है- प्रमोशन आॅफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन्स, 2026। इसके तहत कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में जाति आधारित भेदभाव को रोकने के लिए विशेष समितियां, हेल्पलाइन और मॉनिटरिंग टीमें बनाने के निर्देश दिए हैं।
- ये टीमें खासतौर पर एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतों को देखेंगी। सरकार का कहना है कि ये बदलाव उच्च शिक्षा संस्थानों में निष्पक्षता और जवाबदेही लाने के लिए किए गए हैं। हालांकि नियमों को जनरल कैटेगरी के खिलाफ बताकर विरोध हो रहा है।
- आलोचकों का कहना है कि सवर्ण छात्र स्वाभाविक अपराधी बना दिए गए हैं। जनरल कैटेगरी के स्टूडेंट्स का कहना है कि नए नियम कॉलेज या यूनिवर्सिटी कैंपसों में उनके खिलाफ भेदभाव को बढ़ावा दे सकते हैं। इससे कॉलेजों में अराजकता पैदा होगी।
हरियाणा के भाजपा नेता भी नए नियमों के विरोध में आए
यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन के नए नियमों का हरियाणा में भी विरोध शुरू हो गया है। भाजपा नेता व ओलिंपियन रेसलर योगेश्वर दत्त ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दो दिन में 3 पोस्ट कर इस एक्ट पर विरोध दर्ज कराया। योगेश्वर ने लिखा, भरी सभा में द्रौपदी चीरहरण के समय बड़े-बड़े योद्धाओं ने चुप्पी साधी। जिस सत्ता-कुर्सी के लालच में यह किया, न वह सत्ता रही, न कुर्सी। सभी का सर्वनाश हो गया।
वहीं, ओलिंपियन बॉक्सर और भाजपा नेता विजेंदर सिंह ने पर लिखा, शिक्षा समान अवसर का माध्यम होनी चाहिए, न कि समाज को बांटने का। उधर, नए नियमों के विरोध में मंगलवार को झज्जर में छारा मंडल की महिला मोर्चे की अध्यक्ष मनीषा शर्मा ने इस्तीफा दे दिया। मनीषा शर्मा खरहर गांव में पंचायत में वार्ड 10 से मेंबर भी हैं।
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