पश्चिमी विक्षोभ का असर, पहाड़ों में हुई बर्फबारी तो उत्तर भारत के ज्यादात्तर मैदानी राज्यों में ओलावृष्टि
Weather Update Today (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : मंगलवार को एक बार फिर से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में पूरा दिन और उसके बाद रात को भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में यह बदलाव आया है। इससे जहां मैदानी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि हुई वहीं पहाड़ी राज्यों में बारिश के साथ मध्यम से भारी बर्फबारी दर्ज की गई। ऊंची चोटियां बर्फ की सफेद चादर में ढंक गई हैं और राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई रास्तों को बर्फ की मोटी परत जमने के कारण बंद करना पड़ा है।
बारिश ओलावृष्टि से गिरा तापमान, ठंड में वृद्धि
मौसम में बदलाव से तापमान गिरने से ठंड में इजाफा हुआ है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले दो दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2-5 डिग्री तक की गिरावट आने और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के साथ हिमपात होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। दिल्ली में 24 मिमी वर्षा दर्ज की गई, जो 2022 के बाद से जनवरी माह की सबसे अधिक वर्षा है।
नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम से लेकर हापुड़ और मेरठ में भी झमाझम बारिश हुई। कई जगह ओले भी गिरे। इससे तापमान में गिरावट आई। दिल्ली में अधिकतम तापमान 16.9 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम 8.0 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भी कई जगह हल्की से भारी बारिश हुई और तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कश्मीर में हिमस्खलन, हिमाचल, उत्तराखंड में भी चेतावनी जारी
पिछले कई दिनों से हो रही भारी बर्फबारी के चलते पहाड़ी राज्यों में हिमस्खलन का खतरा मंडराने लगा है। मंगलवार रात जहां कश्मीर के सोनमर्ग में हलका हिमस्खलन हुआ वहीं हिमाचल और उत्तराखंड में कई जगह हिमस्खलन की चेतावनी दी गई है। वहां पर लोगों और पर्यटकों को ऊंची और तीखी ढलानों पर न जाने को कहा गया है। डोडा में 10,500 फीट की ऊंचाई पर फंसे 40 जवानों समेत 60 लोगों को बचाया गया है। वहीं, लद्दाख के न्योमा में पारा माइनस 9.7 डिग्री व द्रास में माइनस 9.2 डिग्री रहा।
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