दिल्ली : दिल्ली के शहरी गाँवों की अनूठी संस्कृति और बदलते परिदृश्य को दर्शाती एक नई किताब, शहर में गाँव: दिल्ली के शहरी गाँवों में संस्कृति, संघर्ष और बदलाव, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (विंटेज बुक्स) द्वारा प्रकाशित होने जा रही है। इस किताब की लेखिका, डॉ. एकता चौहान, ने अपने एक दशक से अधिक के शोध और मौखिक इतिहास परियोजना दिल्ली की खिड़की के अनुभवों को इस कृति में पिरोया है। किताब 15 सितंबर 2025 को रिलीज होने वाली है।
डॉ. चौहान, जो ओपी जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, खिड़की गाँव में पली-बढ़ी हैं। उनकी यह किताब दिल्ली के उन शहरी गाँवों की कहानी बयान करती है, जहाँ प्राचीन परंपराएँ और आधुनिकता का मेल एक अनोखा दृश्य प्रस्तुत करता है। यहाँ पुराने हवेली-नुमा घरों के साथ-साथ पॉप-अप कैफे और स्टार्ट-अप कार्यालय भी दिखते हैं। किताब दिल्ली की ग्रामीण-शहरी गतिशीलता, पहचान और परंपरा व प्रगति के बीच टकराव को उजागर करती है।
शहर में गाँव उन लोगों की कहानियों को सामने लाती है जो इन गाँवों में रहते हैं, वहाँ के निवासियों की आकांक्षाएँ, उनके संघर्ष और बदलते समय के साथ उनकी अनुकूलनशीलता। डॉ. चौहान, जिन्होंने जर्मनी के बीटीयू कॉटबस से वर्ल्ड हेरिटेज स्टडीज में पीएचडी की है, अपनी किताब में व्यक्तिगत और ऐतिहासिक दृष्टिकोण का सुंदर मिश्रण प्रस्तुत करती हैं।
रोंजिनी बोरा चौहान, पूर्व सीनियर पब्लिसिस्ट (पेंगुइन, हार्परकॉलिन्स और हैशेट बुक ग्रुप), ने कहा: “यह किताब दिल्ली के बदलते चेहरे को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। अपनी गहरी अंतर्दृष्टि और संवेदनशील लेखन के ज़रिए एकता चौहान ने इन शहरी गाँवों की आत्मा को जीवंत कर दिया है।”
यह किताब उन पाठकों के लिए एक अनमोल रचना है जो दिल्ली के इतिहास, संस्कृति और सामाजिक परिवर्तनों को गहराई से समझना चाहते हैं। इसे प्री-ऑर्डर करने के लिए पेंगुइन की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।