केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने जॉइंट प्रेस कांफ्रेंस कर तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी, कहा- सिलेंडर की पैनिक बुकिंग में कमी:आॅनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% तक पहुंची
Oil Gas Crisis, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने गुरुवार को जॉइंट प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी। विदेश मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने कहा कि यह सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है।
पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं आॅयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि युद्ध के कारण एलपीजी की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। हालांकि, देश में किसी भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर के पास सिलेंडर की कमी नहीं है।
कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, देश में आॅनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% पहुंच गई है। करीब 83% रीफिल डिलीवरी आॅथेंटिकेट कोड के जरिए हो रही है। पैनिक बुकिंग में कमी आ रही है। सुजाता शर्मा ने बताया, भारत में करीब 70% कच्चा तेल अब होर्मुज स्ट्रेट के बाहर के क्षेत्रों से आ रहा है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दबाव जरूर है, लेकिन अभी तक कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है।
मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है
पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई सामान्य है। 18 मार्च को करीब 57,000 रीफिल बुकिंग हुई। सरकार ने कॉमर्शियल एलपीजी उपभोक्ताओं से सीएनजी पर शिफ्ट करने की अपील की और बताया कि कई कंपनियों ने इसके लिए इंसेंटिव भी घोषित किए हैं। सुजाता शर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में हालात का सीधा असर भारत की एनर्जी सप्लाई पर पड़ता है, इसलिए सरकार अन्य जगहों से भी सप्लाई लेने की कोशिश कर रही है।
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