कहा, अमेरिका की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती के आएंगे सकारात्मक परिणाम
India’s foreign investment (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : मौजूदा समय में विश्व में सबसे ज्यादा चर्चा भारत और भारत की व्यापारिक नीति की हो रही है। भारत ने 2026 में जिस तरह से वैश्विक स्तर पर अपने व्यापारिक रिश्ते मजबूत किए हैं उससे हर कोई हैरान है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में जहां भारत ने यूरोपीय संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करके दुनिया को नई राह दिखाई तो वहीं फरवरी के पहले सप्ताह में अमेरिका ने ऐलान कर दिया है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। इससे भारत के आर्थिक परिदृश्य को लेकर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं।
गोल्डमैनसैक्स ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा
वैश्विक निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि अमेरिका की ओर से भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ में कटौती से भारत की आर्थिक वृद्धि, निवेश माहौल और बाह्य संतुलन को समर्थन मिलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया के जरिए घोषणा की कि भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो तुरंत प्रभाव से लागू होगा। गोल्डमैन सैक्स का कहना है कि इस कदम से भारत की टैरिफ दर अब अधिकांश एशियाई देशों के 15-19 प्रतिशत के दायरे के अनुरूप हो जाएगी।
रिपोर्ट का कहना है कि अगर अमेरिका भारतीय सामानों पर कम किया गया टैरिफ लागू रहता है, तो इससे भारत की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। इसके चलते देश की जीडीपी सालाना आधार पर करीब 0.2 प्रतिशत ज्यादा बढ़ सकती है।
ट्रेड पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी
निवेश के मोर्चे पर, गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि इस समझौते के बाद ट्रेड पॉलिसी को लेकर बनी अनिश्चितता कम होगी, जिससे निजी निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में निजी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में सुधार से वास्तविक जीडीपी वृद्धि को और मजबूती मिल सकती है।इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए गोल्डमैन सैक्स ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि का अनुमान 20 बेसिस प्वाइंट बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत कर दिया है।
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