Fourlane Highway: हरियाणा में केंद्र की मोदी सरकार और प्रदेश की नायब सिंह सैनी सरकार से स्वीकृति और बजट मिलने के बावजूद कई राष्ट्रीय राजमार्गों को फोरलेन बनाने का काम लंबे समय से अधर में लटका हुआ है। प्रदेश में आधा दर्जन से अधिक ऐसे हाईवे हैं, जिनकी डीपीआर तैयार हो चुकी है और कुछ स्थानों पर शुरुआती काम भी शुरू हुआ, लेकिन वन विभाग की जमीन और उस पर मौजूद पेड़ों को लेकर एनओसी न मिलने के कारण परियोजनाएं आगे नहीं बढ़ पा रही हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इन सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग की श्रेणी में शामिल कर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर ली है। फोरलेन निर्माण के लिए आवश्यक चौड़ाई कई हिस्सों में वन विभाग की भूमि पर निर्भर है। नियमों के तहत लोक निर्माण विभाग के माध्यम से वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगा गया, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है, जिससे निर्माण कार्य ठप पड़ा है।
फोरलेन का काम अटकने से इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ रहा है। रोजाना जाम की स्थिति बन रही है, जिससे आमजन, व्यापारियों और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। खासकर पीक आवर्स में इन सड़कों पर हालात बेहद खराब हो जाते हैं।
यह मुद्दा हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भी गूंजा। नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद और बादली से विधायक कुलदीप वत्स ने सरकार से सवाल किया कि स्वीकृति और बजट मिलने के बावजूद सड़क निर्माण कार्य अब तक शुरू क्यों नहीं हो पाया। विधायकों ने कहा कि प्रशासनिक अड़चनों के कारण जनता को रोजाना जाम और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
विधानसभा में बताया गया कि नूंह से बिलासपुर होते हुए दिल्ली–जयपुर हाईवे को जोड़ने वाला मार्ग, गुरुग्राम–पटौदी हाईवे और रेवाड़ी–रोहतक हाईवे नंबर 71 को कुलाना तक जोड़ने वाला मार्ग अब तक फोरलेन नहीं हो पाया है। इसके चलते बिलासपुर, पटौदी, हेलीमंडी सहित आसपास के इलाकों में जाम की गंभीर समस्या बनी हुई है। इसके अलावा नूंह–अलवर, नूंह–होडल–पलवल, हथीन–नूंह, पुन्हाना–होडल मार्ग सहित हिसार और सिरसा जिले के कई प्रमुख मार्ग भी फोरलेन होने का इंतजार कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह को संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठक करने की सलाह दी। इस पर वन मंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी अड़चनों को दूर करने के लिए जल्द ठोस कदम उठाए जाएंगे।
राव नरबीर सिंह ने सदन में बताया कि वन विभाग, लोक निर्माण विभाग और एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी। अगले दो से तीन दिनों में बैठक की तारीख और स्थान तय कर लिया जाएगा, ताकि फोरलेन परियोजनाओं को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके और जनता को राहत मिल सके।

