केंद्र सरकार के बजट में हरियाणा के पंचकूला जिले के लिए बड़ी सौगात का ऐलान किया गया है। पंचकूला को फार्मा हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे राज्य के फार्मास्युटिकल और बायोफार्मा सेक्टर को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। इस फैसले से न केवल निवेश बढ़ेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पंचकूला पहले से ही फार्मा इंडस्ट्री का एक मजबूत केंद्र माना जाता है। यहां एसोसिएटेड बायोफार्मा और बायोफार लाइफसाइंसेज जैसी नामी कंपनियां टैबलेट, कैप्सूल, सिरप और जड़ी-बूटी से बनी दवाइयों का निर्माण कर रही हैं। खास बात यह है कि इन कंपनियों में बनने वाली सभी दवाइयां विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार की जाती हैं, जिससे इनकी गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की मानी जाती है।
केंद्रीय बजट में फार्मा सेक्टर को मजबूत करने के उद्देश्य से किए गए इस ऐलान के बाद पंचकूला में रिसर्च, मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात से जुड़े कार्यों को गति मिलने की संभावना है। फार्मा हब बनने से यहां आधुनिक तकनीक, नई लैब्स और उत्पादन इकाइयों की स्थापना होगी, जिससे कैंसर, शुगर और अन्य गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सस्ती और प्रभावी दवाइयों का उत्पादन बढ़ेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि पंचकूला के फार्मा हब के रूप में विकसित होने से हरियाणा देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल राज्यों की कतार में खड़ा हो सकेगा। इससे न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि हेल्थ सेक्टर में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी बल मिलेगा।

