एक पोत पार कर चुका हॉर्मुज, दो अन्य जल्द करेंगे पार, भारत के जहाजों को आसानी से हॉमुज जलडमरूमध्य पार होने दे रहा ईरान
Oil and LPG Crisis (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पश्चिम एशिया तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे युद्ध के चलते पिछले एक माह से ज्यादा समय से हॉर्मज जलडमरूमध्य को ईरान ने बंद कर रखा है। इससे विश्व सप्लाई बुरी तरह से बाधित हो रही है और कई देशों में जरूरी सामान की किल्लत हो चुकी है। इसमें से सबसे ज्यादा तेल और गैस आपूर्ति की समस्या हो रही है।
इसी बीच ईरान ने भारत से अपने अच्छे रिश्तों के चलते भारत का झंडा लगे जहाजों को वहां से सुरक्षित गुजरने की इजाजत दे दी है। भारतीय झंडे वाला एलपीजी टैंकर ग्रीन शान्वी 3 अप्रैल 2026 की रात हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से गुजर गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, जहाज में करीब 46,650 मीट्रिक टन एलपीजी कार्गो लदा हुआ था। आने वाले दिनों में दो और भारत-ध्वज वाले एलपीजी टैंकर ग्रीन आशा और जग विक्रम भी हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत की ओर रवाना होंगे।
अब तक सात भारतीय जहाजों कर चुके होर्मुज पार
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक ग्रीन शान्वी समेत कुल सात भारतीय एलपीजी टैंकर इस संवेदनशील जलमार्ग को पार कर चुके हैं। ग्रीन शान्वी के ट्रांजिट के बाद अब फारस की खाड़ी में कुल 17 भारतीय जहाज मौजूद हैं। इनमें तीन अन्य एलपीजी टैंकर, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक एलएनजी टैंकर, एक केमिकल प्रोडक्ट्स टैंकर, तीन कंटेनर शिप, दो बल्क कैरियर और दो जहाज नियमित मरम्मत (मेंटेनेंस) के लिए शामिल हैं।
ईरान ने इसलिए दी भारत को राहत
भारत ने अपने जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की है। ईरान ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि जो देश उसके साथ समन्वय बनाए रखते हैं और शत्रु श्रेणी में नहीं आते, उनके जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी कहा था कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की इजाजत दी जा रही है।

