
हरियाणा एक किसान प्रधान प्रदेश
On India News Manch, (द भारत ख़बर) चंडीगढ़: द भारत ख़बर की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर हरियाणा सरकार में मंत्री श्रुति चौधरी ने द भारत ख़बर को शुभकामनाएं दीं। इस मौके पर इंडिया न्यूज से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास दो महत्वपूर्ण विभाग सिंचाई और महिला एवं बाल विकास की जिम्मेदारी है और दोनों ही विभाग राज्य के भविष्य से सीधे जुड़े हुए हैं। श्रुति चौधरी ने कहा कि हरियाणा एक किसान प्रधान प्रदेश है, जिसकी अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है और किसान नहरों व नदियों पर निर्भर हैं। उन्होंने बताया कि चौधरी बंसीलाल के समय विश्व बैंक से सिंचाई परियोजनाओं के लिए धन लिया गया था, जिसके बाद अब एक बार फिर करीब 5700 करोड़ रुपये का बजट सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगाया जा रहा है, ताकि टेल तक पानी पहुंचे।
पानी का बंटवारा बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा
उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी सरकार में पानी का बंटवारा बिना किसी भेदभाव के किया जा रहा है और आज माइनर लाइन से लेकर टेल तक पानी पहुंच रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दक्षिण हरियाणा में गिरता जलस्तर एक गंभीर चुनौती है, जिसके लिए जन-जागरूकता आवश्यक है। डार्क जोन क्षेत्रों में भूजल रिचार्ज, वर्षा जल संचयन और जल संरक्षण पर विशेष काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 36 ब्लॉकों में इस दिशा में कार्य किया जा चुका है और माइक्रो इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्रुति चौधरी ने कहा कि हरियाणा के निर्माण के समय चौधरी बंसीलाल ने पूरे प्रदेश में नहरों का जाल बिछाया था, जिसकी बदौलत आज प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था मजबूत आधार पर खड़ी है।
आज हरियाणा में 50 प्रतिशत महिला सरपंच
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा से की, जिसका सकारात्मक परिणाम आज दिखाई दे रहा है। आज हरियाणा में सेक्स रेश्यो में ऐतिहासिक सुधार हुआ है और बेटियों के जन्म पर खुशी मनाई जा रही है। उन्होंने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा ने उनके सिर पर पगड़ी रखकर समाज को एक मजबूत संदेश दिया। उन्होंने बताया कि आज हरियाणा में 50 प्रतिशत महिला सरपंच हैं, जो महिला सशक्तिकरण का बड़ा प्रमाण है।
राज्यों को आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए एसवाईएल का मुद्दा
एसवाईएल मुद्दे पर श्रुति चौधरी ने कहा कि यह एक गंभीर विषय है, जिसे राजनीति से ऊपर उठकर दोनों राज्यों को आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मामले को उलझाने की बजाय समाधान की दिशा में कदम बढ़ाने की जरूरत है।
कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता कमजोर
राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और बीजेपी में जमीन-आसमान का फर्क है। कांग्रेस की नेतृत्व क्षमता कमजोर हो चुकी है और विपक्ष के नेता संसद में भी गंभीर नजर नहीं आते। उन्होंने कहा कि देश में सकारात्मक माहौल जरूरी है और आज हरियाणा के सभी जिलों में समान विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन में भिवानी के साथ भेदभाव हुआ, जिसका परिणाम यह है कि आज कांग्रेस हरियाणा में हाशिये पर चली गई है।
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