कहा, टैरिफ के चलते हर माह आ रहे अरबों डॉलर, शेयर बाजार भी ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा
US trade Deficit (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से अपने आर्थिक सुधारों की वकालत करते हुए वर्तमान टैरिफ दर को अमेरिका के इतिहास का सबसे सफल और अभूतपूर्व आर्थिक सुधार बताया है। उन्होंने कहा कि टैरिफ नीति के चलते अमेरिका की अर्थव्यवस्था ने तेजी से करवट बदली है। कुछ ही महीनों में रिकॉर्ड स्तर का व्यापार घाटा घटा है और शेयर बाजार ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच गया है।
ट्रंप ने कहा कि यह नई टैरिफ नीति का ही परिणाम है कि हर माह अमेरिका के खजाने में अरबों डॉलर जमा हो रहे हैं। जोकि नए टैरिफ लागू होने से पहले दूसरे देशों द्वारा लूटे जा रहे थे। ट्रंप ने कहा कि अप्रैल 2025 से पहले अमेरिका इन देशों के उत्पाद मामूली टैरिफ लगाकर अपने बाजारों में बेचने की अनुमति दे रहा था लेकिन ये देश अमेरिकी उत्पादों पर भारी-भरकम टैरिफ लगा रहे थे। अब स्थिति इसके विपरीत हो गई है इसका सीधा फायदा सरकारी खजाने को हुआ है।
वर्तमान में घरेलू उद्योगों को मिल रहा बढ़ावा
ट्रंप का कहना है कि टैरिफ लागू होने से विदेशी उत्पादों पर निर्भरता घटी और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा मिला है। उनके मुताबिक, शेयर बाजार चुनाव के बाद से अपने सर्वोच्च स्तर पर है। ट्रंप ने इसे निवेशकों के भरोसे और मजबूत आर्थिक संकेतों से जोड़ा। उन्होंने कहा कि उत्पादकता बढ़ी है, निवेश में उछाल आया है और आमदनी में सुधार दिख रहा है।
व्यापार घाटा कम करना मेरा अहम लक्ष्य था
ट्रंप ने कहा कि व्यापार घाटा घटाना उनकी प्राथमिकता रही है। उनके मुताबिक, टैरिफ से आय बढ़ी और आयात पर निर्भरता कम हुई। इससे अमेरिकी उद्योगों को प्रतिस्पर्धा में फायदा मिला। ट्रंप का यह भी कहना है कि उनकी नीतियों से अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से सम्मान मिला है। ट्रंप ने विदेशी आॅटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले को बड़ा कदम बताया। उनका दावा है कि इससे अमेरिकी आॅटो उद्योग में 70 अरब डॉलर से अधिक का नया निवेश आया है।
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