ईरानी सेना ने अमेरिका के अल्टीमेटम को नकारा, कहा, हर तरह की स्थिति का सामना करने को तैयार
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), तेहरान : अमेरिका और ईरान में चल रहा युद्ध आज 37वें दिन में प्रवेश कर चुका है। हालांकि इस युद्ध में अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हजारों हमले कर चुके हैं लेकिन ईरान पर ज्यादा दबाव डालने में सफल नहीं हो पाए हैं। इसी बीच अमेरिका ने ईरान को हॉर्मुज स्टेÑट खोलने और समझौता करने का 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था जिसे ईरान ने अस्वीकार कर दिया है। इतना ही नहीं ईरान ने अमेरिका को किसी भी कार्रवाई के घातक नतीजे भुगतने के लिए तैयार रहने की भी चेतावनी दे डाली है।
ईरान की तरफ से यह बयान आया सामने
ईरान की सेना के केंद्रीय कमांड खातम अल-अनबिया से जुड़े जनरल अली अब्दोल्लाही ने ट्रंप के इस बयान को ‘बेबस, घबराया हुआ, असंतुलित और बेवकूफी भरा कदम’ बताया। उनका कहना है कि अमेरिका की इस तरह की धमकियों से ईरान झुकने वाला नहीं है। दरअसल, ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर 48 घंटे के भीतर ईरान कोई समझौता नहीं करता या होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोलता, तो अमेरिका ईरान के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा हमला कर सकता है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि ‘अगर समय रहते फैसला नहीं हुआ, तो ईरान पर तबाही बरसेगी।’ यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले ही ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले को 10 दिन के लिए टाल दिया था और कहा था कि बातचीत अच्छी चल रही है। लेकिन अब उनका रुख अचानक काफी सख्त हो गया है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
इरान ने अमेरिका और इजरायल पर लगाए ये आरोप
इसी बीच, एक और बड़ी चिंता सामने आई है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इस्राइल ने उसके परमाणु ढांचे के पास हमला किया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव को पत्र लिखकर कहा कि इस तरह के हमलों से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी (न्यूक्लियर) प्रदूषण फैलने का खतरा पैदा हो गया है, जो इंसानों और पर्यावरण दोनों के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है।
यह हमला बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास हुआ बताया जा रहा है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि फिलहाल रेडिएशन स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, लेकिन स्थिति बेहद संवेदनशील है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमले में संयंत्र के पास एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई और कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा, हालांकि मुख्य प्लांट सुरक्षित है और बिजली उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है। आईएईए के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई है।
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