अमेरिकी राष्टÑपति ने ईरान के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले देशों पर दी है 25 प्रतिशत टैरिफ की धमकी
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : सोमवार को जहां अमेरिका के भारतीय राजदूत के बयान के बाद जहां शेयर बाजार में तेजी का रुख देखा गया था वहीं मंगलवार को अमेरिका के राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद इसमें गिरावट दर्ज की गई। दरअसल मंगलवार को अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन देशों को 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है जिनके ईरान के साथ व्यापारिक संबंध है।
यदि अमेरिका ऐसा करता है तो उसका यह कदम जो भारत, चीन और यूएई जैसे तेहरान के प्रमुख व्यापारिक भागीदारों को प्रभावित कर सकता है। ट्रंप के बयान के बाद विदेशी निधियों की निरंतर निकासी के चलते शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई।
यही कारण है कि दिन का कारोबारी समय समाप्त होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 250.48 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 85,627.69 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 615.38 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 83,262.79 पर पहुंच गया था। वहीं 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 57.95 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 26,732.30 पर बंद हुआ। रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 90.21 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
यूरोपीय बाजारों में रहा मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ समाप्त हुआ। निक्केई 225 सूचकांक में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। यूरोप के बाजारों में मिले-जुले रुख के साथ कारोबार हो रहा था। सोमवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स के मुख्य शेयरों का हाल
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति, आईटीसी, अदानी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे पिछड़ने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, स्टेट बैंक आॅफ इंडिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लाभ कमाने वालों में शामिल थे।

