खड़गे बोले- सरकार को पहले से पता था, इंतजाम क्यों नहीं किया
Parliament Budget Session, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: राज्यसभा में सोमवार को एलपीजी संकट पर विपक्ष ने हंगामा किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने लोकसभा में दावा किया कि एलपीजी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। अगर सरकार समय रहते इंतजाम कर लेती, तो हालात इतने खराब नहीं होते।
इस पर भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने खड़गे को टोका। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आपदा में भी राजनीति कर रही है। इसके बाद भी खड़गे ने बोलना जारी रखा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता जवाब नहीं सुनते है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा से वॉकआउट किया। पार्टी ने चुनाव आयोग के बंगाल के अधिकारियों को हटाने के फैसले का विरोध किया।
लोकसभा में बिना हंगामे के प्रश्नकाल पूरा हुआ
लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कुछ विपक्षी सांसदों ने अपने मुद्दे तुरंत उठाने की मांग की। इस पर स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि उन्हें दोपहर 12 बजे प्रश्नकाल खत्म होने के बाद बोलने का मौका दिया जाएगा।
रंजन गोगोई को विदाई दी
प्रश्नकाल के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और गजेंद्र सिंह शेखावत ने सांसदे के सवालों के जवाब दिए। राज्यसभा में कार्यकाल पूरा होने पर रंजन गोगोई को विदाई दी गई।
एलपीजी संकट पर सरकार जिम्मेदार
आप सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा में विनियोग विधेयक 2026 पर चर्चा के दौरान एलपीजी की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री को स्ट्रेट आॅफ होर्मुज पर पैदा हो रहे संकट की पहले से जानकारी थी। इसके बावजूद सरकार ने ईरान के साथ अपने संबंधों को मजबूत नहीं रखा, जिसकी वजह से अब देश में एलपीजी सिलेंडरों की कमी और ईंधन संकट का डर पैदा हो गया है।
भारत अपनी करीब 60% कच्चे तेल की जरूरत पश्चिम एशिया से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते पूरी करता है। 2019 तक भारत के ईरान के साथ अच्छे संबंध थे और चाबहार पोर्ट में करोड़ों का निवेश भी किया गया था। लेकिन हाल की घटनाओं पर सरकार की चुप्पी के कारण हालात बिगड़े हैं। संजय सिंह ने आरोप लगाया कि मौजूदा ईंधन और एलपीजी संकट के लिए सरकार की नीतियां जिम्मेदार हैं।
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