कहा, भू आर्थिक टकराव, तकनीकी अनिश्चितता और टैरिफ करेगा प्रभावित
WEF Report on Tariff (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अप्रैल 2025 से शुरू हुआ टैरिफ वार आने वाले कुछ वर्षों में भी विश्व व्यापार को प्रभावित करेगा। यह दावा वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) की ग्लोबल रिस्क्स रिपोर्ट 2026 में किया है। रिपोर्ट के अनुसार विश्व इस समय बहुत ही पेंचिदा हालात में है और एक साथ भू-आर्थिक टकराव, तकनीकी अनिश्चितता और जलवायु संकट का सामाना कर रहा है।
इस सबके बीच टैरिफ ने नई परेशानी खड़ी कर दी है। हर देश दूसरे पर दबदबा बनाने के लिए नए टैरिफ लगा रहा है। जिससे विश्व व्यापार में असमान्य स्थिति पैदा हो रही है। रिपोर्ट में यह कहा गया है कि आने वाले दो वर्षों में कारोबार के लिए सबसे बड़ा खतरा देशों के बीच बढ़ता आर्थिक और रणनीतिक टकराव (टैरिफ वॉर) है । रिपोर्ट दुनिया को ऐसे मोड़ पर बताती है जहां अस्थिरता सामान्य स्थिति बनती जा रही है।
विस्तृत सर्वेक्षण के बाद रिपोर्ट हुई तैयार
डब्ल्यूईएफ की यह रिपोर्ट सरकार, व्यापार और विभिन्न संगठनों से जुड़े लगभग 1300 नेताओं के सर्वेक्षण पर आधारित है। रिपोर्ट के अनुसार अगले दो वर्षों में जियो इकोनॉमिक कन्फ्रन्टेशन यानी भू-आर्थिक टकराव कारोबार से जुड़ी चिंताओं की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गया है। इसमें टैरिफ, नियमों, सप्लाई चेन और पूंजी प्रवाह को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति शामिल है। रिपोर्ट चेतावनी देती है कि इस तरह की प्रतिस्पर्धा वैश्विक व्यापार में बड़े संकुचन का कारण बन सकती है।
एआई से रोजगार विस्थापन का खतरा
इस सर्वेक्षण में सबसे चौंकाने वाला बदलाव कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े जोखिमों को लेकर देखा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एआई से बड़े पैमाने पर रोजगार विस्थापन हो सकता है जिससे आय असमानता, सामाजिक विभाजन, उपभोक्ता खर्च में गिरावट और आर्थिक-सामाजिक असंतोष का दुष्चक्र पैदा हो सकता है, भले ही उत्पादकता में भारी वृद्धि ही क्यों न हो।
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