अमेरिकी रक्षा मंत्री ने ईरान पर हमलों को लेकर दिए बड़े संकेत
West Asia Crisis (द भारत ख़बर), वॉशिंगटन : पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। अमेरिका के ईरान को दिए अल्टीमेटम का आज अंतिम दिन है। एक तरफ जहां अमेरिका ने ईरान को आज रात आठ बजे तक (ईरान के स्थानीय समयानुसार) हॉर्मुज स्टेÑट पर कब्जा छोड़ने और अमेरिका की शर्तें मानने की चेतावनी दी हुई है। अल्टीमेटम का समय समाप्त होन के साथ ही ईरान पर अमेरिका द्वारा आज तक के सबसे भयानक हमले करने की भी चेतावनी दी हुई है।
दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका की चेतावनी को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि वह अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे। इसके साथ ही ईरान ने भी अमेरिका को गंभीर परिणाम भुगतने केलिए तैयार रहने की धमकी दे दी है। इसी बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का बड़ा बयान सामने आया है। हेगसेथ ने कहा है कि यदि ईरान नहीं मानता तो आज की रात उसके लिए सबसे ज्यादा भयानक रात होगी। ज्ञात रहे कि इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप भी कह चुके हैं कि वह ईरान को एक ही रात में खत्म कर सकता है और वह रात शायद आज की रात हो।
आज 39वें दिन में प्रवेश कर गया युद्ध
अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी के ईरान पर हमला किया था। हमले के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई सहित करीब 50 बड़े नेता और अधिकारी मारे गए थे। उस समय अमेरिका ने यह नहीं सोचा होगा की युद्ध इतना लंबा खिंच जाएगा। ईरान ने न केवल स्थिति को संभाला बल्कि अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जमकर हमले किए। आज युद्ध का 39वां दिन है और अमेरिका इसे निर्णायक बता रहा है। आपको बता दें कि इस युद्ध में अमेरिका को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उसके अरबों डॉलर के विमान और सैन्य उपकरण ईरान द्वारा नष्ट कर दिए हैं। जिसके बाद अमेरिका लगातार बौखलाहट में है।
ईरान के तेल पर कब्जा कर सकते हैं : ट्रंप
अमेरिकी राष्टÑपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर उनके हाथ में फैसला होता, तो अमेरिका ईरान के तेल पर कब्जा कर सकता है, क्योंकि वह खुद को पहले बिजनेसमैन मानते हैं। व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिका पहले भी वेनेजुएला के साथ तेल को लेकर साझेदारी कर चुका है, इसलिए ईरान के मामले में भी ऐसा किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘जंग जीतने वाले को उसका फायदा मिलना चाहिए’ और अमेरिका को भी इसका इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने साफ इशारा दिया कि अमेरिका अपनी पुरानी नीति से हटकर युद्ध के बाद संसाधनों पर कब्जा करने की सोच सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने दूसरे देशों की मदद की, लेकिन अब ऐसा नहीं होना चाहिए।
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