Punjab News: चंडीगढ़ पुलिसिंग के क्षेत्र में बड़े तकनीकी बदलाव के लिए तैयार है। इसके तहत शहर भर में 2,000 से ज़्यादा अतिरिक्त AI-बेस्ड CCTV कैमरे लगाने की योजना है। इससे मौजूदा नेटवर्क 2,130 कैमरों से बढ़कर लगभग 4,200 हो जाएगा और केंद्र शासित प्रदेश में निगरानी का दायरा काफी बढ़ जाएगा।
इस बढ़े हुए नेटवर्क में बाकी 68 ATC लोकेशन भी शामिल होंगी। इसमें प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और गाड़ियों व लोगों की ऑटोमैटिक पहचान जैसी एडवांस्ड क्षमताएं शामिल करने का प्रस्ताव है। इससे चंडीगढ़ पुलिस को प्रिवेंटिव पुलिसिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट और तेज़ी से कार्रवाई करने के लिए बेहतर साधन मिलेंगे।
बुधवार को चंडीगढ़ के सेक्टर 9 स्थित पुलिस मुख्यालय में राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू की अध्यक्षता में UT एडवाइजरी स्टैंडिंग कमेटी (लॉ एंड ऑर्डर) की बैठक में इस रोडमैप पर चर्चा हुई। बैठक में चंडीगढ़ ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप कुमार, चंडीगढ़ के पूर्व मेयर और होटल्स एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन मनमोहन सिंह, चंडीगढ़ की SSP कंवरदीप कौर, SP अनुराग दारू और पांच डिवीजनों के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए।
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कमेटी ने पिछली बैठक की सिफारिशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (ATR) की समीक्षा की। साथ ही, टेक्नोलॉजी, डेटा-आधारित पुलिसिंग, क्षमता निर्माण और सामाजिक हस्तक्षेप के ज़रिए चंडीगढ़ के सार्वजनिक सुरक्षा ढांचे को और मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा की।
निगरानी में प्रस्तावित सुधारों का स्वागत करते हुए संधू ने कहा कि चंडीगढ़ में स्मार्ट, सुरक्षित और नागरिक-केंद्रित शहरी पुलिसिंग का राष्ट्रीय मॉडल बनने की क्षमता है। संधू ने कहा, “मकसद सिर्फ़ कैमरे बढ़ाना नहीं होना चाहिए। AI, प्रेडिक्टिव टूल्स और रियल-टाइम डेटा से अपराध रोकने, रिस्पॉन्स टाइम बेहतर करने और नागरिकों को ज़्यादा सुरक्षित महसूस कराने में मदद मिलनी चाहिए। चंडीगढ़ के पास राष्ट्रीय मानक स्थापित करने के लिए ज़रूरी पैमाना और संस्थागत मज़बूती, दोनों हैं।”
