New PMO Seva Teerth, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन कर दिया। इससे पहले उन्हांने साउथ ब्लॉक में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आखिरी बैठक की अध्यक्षता की। दोपहर करीब डेढ़ बजे ‘सेवा तीर्थ’ और कर्तव्य भवन-1 व 2 का औपचारिक शुभारंभ किया। थोड़ी देर में करीब चार बजे पीएमओ ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरित हो जाएगा। इस दौरान पीएम एक सार्वजनिक कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे।
भारत की सत्ता के केंद्र रहा है साउथ ब्लॉक
साउथ ब्लॉक आजादी के बाद से भारत की सत्ता के केंद्र रहा है। अब इसकी जगह ‘सेवा तीर्थ’ ने ले ली है और भारत की प्रशासनिक व्यवस्था में यह बड़ा बदलाव आधुनिक और जन-केंद्रित शासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पीएमओ ने बताया कि सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट का हिस्सा ‘सेवा तीर्थ’ सेवा व कर्तव्य पर आधारित और पर्यावरण के अनुकूल इमारत है। इसमें पीएमओ के साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार व कैबिनेट सचिवालय का कार्यालय भी होगा।
आधुनिक भारत की छवि पेश करेगा नया परिसर
‘सेवा तीर्थ’ में डिजिटल तौर पर जुड़े दफ्तर, केंद्रीकृत रिसेप्शन और जन-संपर्क क्षेत्र जैसी सुविधाएं हैं। पुराने साउथ ब्लॉक से अलग इस नए परिसर में पीएमओ का स्थानांतरण होने से विभिन्न मंत्रालयों के बीच बेहतर समन्वय होगा। इसके साथ ही यहां शासन सुलभ, अधिक कुशल व पारदर्शी बनेगा। यह नया परिसर आधुनिक भारत की छवि पेश करेगा।
हर्बर्ट बेकर ने किया था साउथ ब्लॉक का डिजाइन
साउथ ब्लॉक ब्रिटिश काल की वो ऐतिहासिक इमारत है जहां से आजादी के बाद से देश के बड़े फैसले लिए जाते रहे हैं। वर्ष 1900 के शुरुआती वर्षों में ब्रिटिश वास्तुकार हर्बर्ट बेकर ने इस इमारत का डिजाइन किया था और पीएमओ इसमें अरसे से काम कर रहा था।
राष्ट्रीय संग्रहालय में बदलने का प्लान
नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को खाली करके इन इमारतों को भारत सरकार का राष्ट्रीय संग्रहालय में बदलने का प्लान है। इसलिए अब पीएमओ का ‘सेवा तीर्थ’ में स्थानांतरण एक युग का अंत माना जा रहा है। ब्रिटिश युग की यादों से मुक्ति का भी यह प्रतीक है। साउथ ब्लॉक से ही सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी और बालाकोट एयरस्ट्राइक जैसे बड़े फैसले हुए।
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