Marco Rubio India visit: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत की आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को मुंबई पहुंचे। रुबियो के साथ उनकी पत्नी जेनेट रुबियो और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी आए हैं। सर्जियो गोर ने कहा कि उन्हें इस यात्रा के सार्थक रहने और भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाने की उम्मीद है। इस साल रुबियो का भारत का यह दूसरा आधिकारिक दौरा है। इससे पहले वे मई में भी भारत आए थे।
गोर ने X पर पोस्ट किया
सर्जियो गोर ने X पर पोस्ट किया, ”मुंबई वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार मेरे दोस्त और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी साथ हैं। मुझे इस यात्रा के सार्थक रहने और भारत-अमेरिका संबंधों के और मजबूत करने की उम्मीद है।”
जयशंकर, फडणवीस से मुलाकात
मार्को रुबियो आज विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत दौरे के दौरान, रुबियो ताज होटल में 26/11 स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और मुंबई में ‘फ्रीडम 250’ रिसेप्शन में शामिल होंगे। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी उनकी मुलाकात की उम्मीद है।
गुजरात के जामनगर जाएंगे
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, मुंबई में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद, रुबियो गुजरात के जामनगर जाएंगे, जहां वे बातचीत करेंगे। इस बातचीत में ‘ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने’ जैसे विषय शामिल होंगे।
वरिष्ठ अधिकारियों से करेंगे मुलाकात
अपनी यात्रा के दौरान, रुबियो वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इसका उद्देश्य अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना, क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान करना और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा करना है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, वे व्यावसायिक निवेश और आर्थिक सहयोग के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए व्यापार जगत के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे।
इन मुद्दों पर होगी बातचीत
इससे पहले, 16 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक नियमित मीडिया ब्रीफिंग के दौरान, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया था कि रुबियो और विदेश मंत्री जयशंकर क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर चर्चा करेंगे।
जायसवाल ने कहा, ”अमेरिकी विदेश मंत्री की यह यात्रा दोनों पक्षों को भारत-अमेरिका संबंधों की समीक्षा करने और अमेरिका के साथ हमारी ‘व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा करने का अवसर देगी। बातचीत में ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण उभरती प्रौद्योगिकियों और आपसी हित के अन्य क्षेत्रों सहित द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख मुद्दों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी अपने विचार साझा करेंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय जुड़ाव को बनाए रखने और हमारी साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने का एक अवसर प्रदान करेगी।”

