
कहा- हमें तुम्हारी चिंता है, तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई
Zohran Mamdani, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद के समर्थन में आए है। ममदानी ने उमर खालिद को हाथ से लिखी एक चिट्ठी भेजी है, जिसमें उन्होंने लिखा कि डियर उमर, मैं अक्सर तुम्हारे उन शब्दों को याद करता हूं जिनमें तुमने कड़वाहट को खुद पर हावी न होने देने की बात कही थी। तुम्हारे माता-पिता से मिलकर खुशी हुई।
हमें तुम्हारी चिंता है। उमर खालिद सितंबर 2020 से तिहाड़ जेल में बंद है। उमर खालिद पर यूएपीए कानून के तहत मामला चल रहा है। यह चिट्ठी ममदानी के 1 जनवरी 2026 को मेयर पद की शपथ लेने के बाद सामने आई है। लेटर में ममदानी ने उमर के लिए एकजुटता और समर्थन जताया।
8 अमेरिकी सांसद भी आए उमर खालिद के समर्थन में, अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार केस की सुनवाई करने की मांग
ममदानी के बाद अब 8 अमेरिकी सांसद खालिद के समर्थन में आ गए हैं। सांसदों ने भारतीय सरकार से अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार खालिद के केस की सुनवाई करने की मांग करते हुए बुधवार को एक लेटर लिखा।
हाउस रूल्स कमेटी के रैंकिंग सदस्य और टॉम लैंटोस ह्यूमन राइट कमिटी के को-प्रसिडेंट, डेमोक्रेट जिम मैकगवर्न ने कहा कि इस महीने की शुरूआत में उन्होंने उमर खालिद के माता-पिता से मुलाकात की थी।
जमानत देने की कही बात
मैकगवर्न ने आगे कहा कि खालिद को भारत में बिना मुकदमे के 5 साल से अधिक समय से जेल में रखा गया है। अपने सहयोगियों के साथ मिलकर मैं यह आग्रह कर रही हूं कि उन्हें जमानत दी जाए और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार और समय पर सुनवाई हो।
उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी से मुलाकात की थी
खालिद के माता-पिता दिसंबर 2025 में अमेरिका गए थे। दरअसल, उनकी सबसे छोटी बेटी की शादी होने वाली थी और वहां रहने वाली उनकी बड़ी बेटी शादी में शामिल नहीं हो पा रही थी, इसलिए वे उनसे मिलने गए थे।
खालिद की साथी बनोज्योत्सना लाहिड़ी ने बताया कि उमर के माता-पिता ने अमेरिका में ममदानी के साथ काफी समय बिताया और उमर की जेल में बंदी की स्थिति पर चर्चा की। यह पत्र सामने आने के साथ ही मामदानी का उमर खालिद के लिए समर्थन भी चर्चा में आ गया है।
2020 से तिहाड़ जेल में बंद हैं खालिद
खालिद के खिलाफ मुख्य मामला फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और सैकड़ों घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि ये दंगे एक बड़ी साजिश का हिस्सा थे।
पुलिस के अनुसार, जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद और अन्य आरोपियों ने भड़काऊ भाषण देकर, व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए और गुप्त बैठकों में चक्का जाम और हिंसा की योजना बनाई, जिसका मकसद सरकार को अस्थिर करना था। खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया गया था और तब से वे तिहाड़ जेल में हैं। इन आरोपों से खालिद ने लगातार इनकार किया है।
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