अगर आप भी गलत दिशा में वाहन चलाकर अपनी मंज़िल जल्दी पहुंचने की कोशिश करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए। हरियाणा की गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने रोंग साइड ड्राइविंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है, जिसमें अब सिर्फ चालान ही नहीं बल्कि कानूनी केस दर्ज किए जाने की भी प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं के बाद लिया गया फैसला
गुरुग्राम में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के पीछे गलत दिशा में वाहन चलाना एक बड़ा कारण बनकर सामने आया है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने यह अहम फैसला लिया है। अधिकारियों का कहना है कि रोंग साइड ड्राइविंग न केवल वाहन चालक की जान के लिए खतरा है, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है।
साल 2025 में 2 लाख से ज्यादा चालान, आंकड़े खुद बयां कर रहे हैं सच्चाई
डीसीपी ट्रैफिक राजेश मोहन के अनुसार, साल 2025 में गुरुग्राम पुलिस ने शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और हाईवे पर विशेष निगरानी रखते हुए गलत दिशा में वाहन चलाने वाले 2,03,936 चालकों के चालान किए। यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि रोंग साइड ड्राइविंग शहर की यातायात व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुकी है।
ACP ट्रैफिक मुख्यालय को सौंपी गई निगरानी की जिम्मेदारी
इस पूरी कार्रवाई की निगरानी के लिए एसीपी ट्रैफिक मुख्यालय सत्यपाल यादव की ड्यूटी लगाई गई है। ट्रैफिक पुलिस की टीमें अब ऐसे स्थानों की पहचान कर रही हैं, जहां रोंग साइड ड्राइविंग की घटनाएं सबसे अधिक सामने आती हैं, ताकि वहां सख्त निगरानी रखी जा सके।
गलत लेन और रोंग साइड ड्राइविंग क्यों है जानलेवा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि
ये सभी कारण सड़क हादसों की आशंका को कई गुना बढ़ा देते हैं। इससे न केवल चालक खुद खतरे में पड़ता है, बल्कि पैदल यात्रियों, दोपहिया और अन्य वाहन चालकों की जान भी जोखिम में आ जाती है।
यातायात सुधार के लिए जागरूकता अभियान भी तेज
गुरुग्राम पुलिस का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना ही नहीं, बल्कि यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाना है। इसके लिए पुलिस द्वारा लगातार यातायात जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
इन अभियानों के तहत:
के लिए यातायात जागरूकता पाठशालाएं आयोजित की जा रही हैं, ताकि नियमों की जानकारी देकर सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया जा सके।

