कांग्रेस ने पीएम मोदी और ट्रम्प का एआई वीडियो एक्स पर पोस्ट किया
Congress Post AI Video, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: कांग्रेस ने मंगलवार को पीएम मोदी और ट्रम्प का एआई जनरेटेड वीडियो एक्स पर पोस्ट किया। कैप्शन में लिखा है, मोदी के डर का खामियाजा देश भुगत रहा है। वीडियो की अवधि 43 सेकेंड की है। वीडियो में मोदी और ट्रम्प को कॉल पर बात करते हुए दिखाया गया है। पीएम, ट्रम्प से बोलते है कि जैसा-जैसा आप बोलेंगे मैं वैसा-वैसा कंरूगा। वीडियो की शुरूआत में मोदी, ट्रम्प को कॉल लगाते हुए बोलते है, हैलो, ट्रम्प जी, कैसे हो आप। जवाब में ट्रम्प बोलते है, मोदी मैं तुमसे नाराज हूं।
जैसा-जैसा बोलेंगे मैं वैसा-वैसा करूंगा
मोदी, लेकिन ट्रम्प आप नाराज क्यों हैं? जैसा-जैसा आपने बोला मैंने वैसा ही किया। सीजफायर कराया, रूस से तेल लेना कम कर दिया। ट्रम्प, तुम जानते हो मुझे खुश करना तुम्हारे लिए कितना जरूरी है। अगर तुमने मेरी बात नहीं मानी, तो मैं टैरिफ बढ़ा दूंगा। मोदी, नहीं मालिक जैसा-जैसा बोलेंगे मैं वैसा-वैसा करूंगा। जनता पर बोझ लाद दूंगा। बस आप मुझसे खुश हो जाएं और कुछ नहीं चाहिए।
ट्रम्प ने कहा था, मोदी मुझे खुश करना चाहते थे
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत के रूस से तेल आयात कम करने को लेकर बयान दिया था। ट्रम्प ने 5 जनवरी को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि भारत ने यह फैसला उन्हें खुश करने के लिए लिया। प्रधानमंत्री मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। वह जानते थे कि मैं खुश नहीं था, इसलिए मुझे खुश करना जरूरी था। हम व्यापार करते हैं और उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं।
महाराष्ट्र के पूर्व सीएम बोले- क्या ट्रम्प मादुरो की तरह पीएम का अपहरण करेंगे
इस बीच में कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने भी अमेरिका की व्यापार नीति और वेनेजुएला में हुई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए भारत को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, जो वेनेजुएला में हुआ, क्या वैसा भारत में भी हो सकता है? क्या डोनाल्ड ट्रंप हमारे प्रधानमंत्री का अपहरण करेंगे?
50 फीसदी टैरिफ के साथ व्यापार संभव नहीं
यह टिप्पणी उन्होंने अमेरिका की ओर से भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाए जाने के संदर्भ में मीडिया से बातचीत के दौरान की। चव्हाण ने कहा कि 50 फीसदी टैरिफ के साथ व्यापार संभव नहीं है। व्यवहार में यह भारत-अमेरिका व्यापार, खासकर भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात को रोकने जैसा है। चूंकि सीधे प्रतिबंध नहीं लगाए जा सकते, इसलिए टैरिफ को व्यापार रोकने के औजार के तौर पर इस्तेमाल किया गया है। इसका बोझ भारत को उठाना होगा।
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