कहा- जब तक राष्ट्रपति-पीएम के परिवार के लोग सरकारी स्कूल नहीं जाएंगे, तब तक रहेगा
Uma Bharti, (द भारत ख़बर), भोपाल: मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने कहा, देश में सामाजिक बराबरी के लिए आरक्षण जरूरी है। जब तक राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और चीफ जस्टिस के परिवार के लोग एक साथ सरकारी स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे, तब तक आरक्षण कोई माई का लाल नहीं छीन सकता। उमा भारती मंगलवार को राजा हिरदे शाह लोधी की शौर्य यात्रा में बोल रही थी।
भोपाल के जम्बूरी मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उमा भारती ने कहा, कि भारतीय समाज लंबे समय तक जातिगत आधार पर बंटा रहा और आर्थिक असमानताएं गहरी रहीं। ऐसे में आरक्षण उस विषमता को कम करने का एक बड़ा प्रयास है। बराबरी सिर्फ कानून से नहीं, बल्कि व्यवहार में बदलाव से आएगी।
समानता के अधिकार के लिए लड़ी जानी चाहिए आजादी की तीसरी लड़ाई
उमा भारती ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पेड़, पहाड़ और जीव-जंतुओं तक की पूजा की जाती है। इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं है। देश ने आजादी के लिए लंबा संघर्ष किया है, लेकिन अब आजादी की तीसरी लड़ाई समानता के अधिकार के लिए लड़ी जानी चाहिए।
पाठ्यक्रम में शामिल होगा शाह का जीवन: मोहन यादव
इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा, राजा हिरदे शाह ने बुंदेला-गोंड समाज को एकजुट कर अपनी अलग पहचान बनाई और अंग्रेजों को कड़ी चुनौती दी। उनके जीवन पर शोध कराया जाएगा। उनके संघर्षमय जीवन को शिक्षा विभाग के माध्यम से पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
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