विधानसभा चुनाव तक अलग-अलग चरणों में एमपी के दौरे करके कांग्रेस की जमीन तैयार करेंगे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह
Digvijay Singh, (द भारत ख़बर), भोपाल: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह तीसरी बार राज्यसभा नहीं जाएंगे। इस बात की जानकारी उन्होंने खुद ही दी है। दरअसल, भोपाल के समन्वय भवन में मंगलवार को दिग्विजय सिंह से पूछा गया कि कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आपको पत्र लिखकर अनुसूचित जाति वर्ग के नेता को राज्यसभा भेजने की मांग की है, आपकी क्या राय है? इस पर दिग्विजय सिंह ने कहा, ये मेरे हाथ में नहीं है। पार्टी निर्णय करती है।
लेकिन एक बात मैं कहना चाहता हूं कि मैं अपनी सीट खाली कर रहा हूं। आपको बता दें कि दिग्विजय सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल तीन महीने बाद 9 अप्रैल को खत्म हो रहा है। वे दूसरी बार के राज्यसभा सांसद हैं। सूत्रों की मानें तो दिग्विजय सिंह ने पार्टी नेतृत्व को भी इस बात से अवगत करा दिया है।
विधानसभा चुनाव के लिए प्रदेशभर का दौरा करेंगे
प्रदेश में 2028 में विधानसभा के चुनाव होने हैं। सूत्र बताते हैं कि दिग्विजय ने पार्टी आलाकमान से कहा है कि वे एमपी में ही पूरा टाइम देना चाहते हैं। इस साल मई से अगले ढाई साल यानी कि विधानसभा चुनाव तक अलग-अलग चरणों में एमपी के दौरे करके कांग्रेस की जमीन तैयार करेंगे। सूत्रों की मानें तो दिग्विजय बड़ी सभाओं और भीड़ वाले कार्यक्रमों के बजाय छोटी बैठकें विधानसभा और ब्लॉक स्तर पर करने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, दिग्विजय ने अपनी रणनीति को लेकर पत्ते नहीं खोले हैं।
कमलनाथ को कोषाध्यक्ष के साथ राज्यसभा भेजने की चर्चा
वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ को एमपी से राज्यसभा भेजे जाने की संभावना है। पार्टी के भीतर इस पर मंथन चल रहा है कि कमलनाथ को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बनाए जाने के साथ-साथ राज्यसभा भेजकर उन्हें केंद्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका दी जाए। कमलनाथ केंद्र सरकार में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री, केंद्रीय पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और केंद्रीय पर्यटन मंत्री (अतिरिक्त प्रभार) जैसे अहम पद संभाल चुके हैं।
वे छिंदवाड़ा से लगातार नौ बार लोकसभा सांसद रहे हैं। कमलनाथ दिसंबर 2018 से मार्च 2020 तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे चुके है। वे मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य हैं।
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