Haryana Weather Update: हरियाणा में जल्दी ही मौसम बदलने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से बारिश के आसार है। सोमवार को मौसम में गर्माहट देखने को मिली है। कई जिलों में धुंध का भी असर है।
रविवार सुबह हरियाणा में घने कोहरे और धुंध ने हालात बेहद खतरनाक बना दिए। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुए सड़क हादसों में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। अधिकतर हादसे सुबह सात से नौ बजे के बीच हुए, जब दृश्यता बेहद कम थी। हाईवे, एक्सप्रेसवे और प्रमुख मार्गों पर वाहन रेंगती रफ्तार से चलते नजर आए, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ गया।
कोहरे का सबसे ज्यादा असर केएमपी एक्सप्रेसवे समेत कई बड़े मार्गों पर देखने को मिला, जहां घंटों तक लंबा जाम लगा रहा और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इसी बीच मौसम ने भी करवट ले ली है। पहाड़ी इलाकों में जारी बर्फबारी का असर अब मैदानों में साफ दिखाई देने लगा है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार 22 जनवरी से प्रदेश में बारिश की संभावना जताई गई है, जिससे ठंड का प्रकोप और बढ़ सकता है।
रविवार को दिन और रात के तापमान में भी बदलाव दर्ज किया गया। रात का न्यूनतम तापमान करीब 8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान लगभग 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हालांकि, कोहरे और धुंध के चलते दिनभर ठंड का अहसास बना रहा।
पहाड़ों में लगातार हो रही बर्फबारी का असर यमुना नदी के जलस्तर पर भी देखने को मिल रहा है। हथनीकुंड बैराज पर जल बहाव कम होने से हाइडल बिजली उत्पादन प्रभावित हो रहा है और नहरों में भी मांग के अनुसार पानी नहीं मिल पा रहा। रविवार को अलग-अलग समय पर हथनीकुंड बैराज पर जल प्रवाह में लगातार उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया। पश्चिमी यमुना नहर पर स्थित बिजली उत्पादन इकाइयों को पूरी क्षमता से चलाने के लिए जहां करीब 5400 क्यूसेक पानी की जरूरत होती है, वहीं वर्तमान में कम आपूर्ति के कारण केवल लगभग 30 प्रतिशत बिजली उत्पादन ही हो पा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहाड़ों में जमी बर्फ पिघलने के बाद ही हालात सुधरने की उम्मीद है और फरवरी तक जल आवक कम रहने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग और आईएमडी के साथ हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसार 18 जनवरी की रात से सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम का मिजाज बदलने वाला है। इसका असर फसलों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खेतों में हल्की सिंचाई करने से जमीन का तापमान स्थिर रहता है और पाले का प्रभाव कम होता है। वहीं पाले की स्थिति में शाम के समय खेत की मेड़ों पर धुआं करने और सब्जियों की फसलों को ढंकने की भी सलाह दी गई है।
घने कोहरे और धुंध के कारण प्रदेश के कई जिलों में सड़क और रेल यातायात भी बुरी तरह प्रभावित रहा। सुबह के समय दृश्यता 10 से 100 मीटर तक सिमट गई, जिससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर नौ ट्रेनें आधे घंटे से लेकर ढाई घंटे तक की देरी से पहुंचीं। फतेहाबाद और भिवानी सेक्शन में भी रेल सेवाएं प्रभावित रहीं, जबकि रोडवेज बसें अपने निर्धारित समय से देरी से चलती नजर आईं। सुबह देर तक धूप न निकलने से बाजारों और दफ्तरों में भी गतिविधियां प्रभावित रहीं।


