हरियाणा के कैथल जिले में उस वक्त सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई, जब गुहला चीका से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस ने SDM को बच्चों के खेलने वाला झुनझुना देने की कोशिश की। यह घटनाक्रम सोमवार को चीका ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिस (BDPO) परिसर में हुआ, जहां विधायक दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। इस दौरान SDM कैप्टन प्रमेश सिंह और विधायक के बीच तीखी बहस हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
दरअसल, चीका के शहीद ऊधम सिंह चौक स्थित BDPO कार्यालय परिसर में पिहोवा रोड और पटियाला रोड की तरफ बनी दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने को लेकर विवाद चल रहा है। विधायक देवेंद्र हंस का आरोप है कि पहले इन दुकानों की लंबाई करीब 10 फीट थी, लेकिन दिसंबर महीने में बिना किसी सरकारी मंजूरी के इन दुकानों की लंबाई बढ़ा दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह निर्माण कार्य छुट्टी के दिन करवाया गया और इसके बदले भारी भरकम राशि वसूली गई।
विधायक ने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत SDM कैप्टन प्रमेश सिंह को दी गई थी। शुरुआती जांच में SDM ने निर्माण कार्य को गलत मानते हुए उसे रुकवाने के आदेश भी दिए थे, लेकिन बाद में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी बात को लेकर विधायक और SDM के बीच कहासुनी बढ़ गई। विधायक ने आरोप लगाया कि अधिकारी और सरकार आपस में मिलीभगत कर सरकारी जमीन का दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान सामने आए 24 सेकेंड के वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक देवेंद्र हंस SDM से कहते हैं कि “आपसे कुछ नहीं होता।” इसके बाद वह पास खड़े व्यक्ति की जैकेट से बच्चों का झुनझुना निकालते हैं और SDM को देने की कोशिश करते हैं। SDM कैप्टन प्रमेश सिंह झुनझुना लेने से इनकार करते हुए कहते हैं कि विधायक इसे अपने पास ही रखें। इस पर विधायक कहते हैं, “इसे पकड़ो और जाकर बजाते रहो।” SDM मुस्कुराते हुए पीछे हट जाते हैं और इसी बीच कांग्रेस कार्यकर्ता हरियाणा सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर देते हैं। झुनझुना न पकड़े जाने से नाराज विधायक वहां से चले गए।
विवाद के बाद SDM कैप्टन प्रमेश सिंह ने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि दुकानों के निर्माण और लंबाई बढ़ाने को लेकर पहले भी शिकायतें मिली थीं, जिस पर तत्काल कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य रुकवाया गया था। उन्होंने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि विकास एवं पंचायत विभाग हरियाणा के 22 जनवरी 2025 के निर्देशों के अनुसार पंचायत समिति इस कार्य के लिए अधिकृत है। संबंधित जमीन BDPO कार्यालय के अधीन आती है और पंचायत समिति की चेयरपर्सन ने बैठक में दुकानों की लंबाई और किराया बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया था।
SDM ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं से सबूत मांगे गए थे, लेकिन कोई ठोस प्रमाण पेश नहीं किया गया। जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने नहीं आया है। हालांकि, BDPO को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि दुकानों से होने वाली अतिरिक्त आय वित्तीय नियमों के अनुसार हो और सरकारी धन का कोई दुरुपयोग न हो।
इस पूरे घटनाक्रम ने कैथल की राजनीति को गरमा दिया है। एक ओर कांग्रेस विधायक सरकार और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं प्रशासन नियमों के तहत काम होने का दावा कर रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे इस विवाद में सरकार और प्रशासन क्या कदम उठाता है।


