Haryana Exam Rules: हरियाणा में 26 जुलाई 2025 को हुए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के दौरान महिलाओं से मंगलसूत्र उतरवाने को लेकर उठे विवाद के बाद अब राज्य सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है। हरियाणा सरकार ने सिख छात्रों और विवाहित महिलाओं को परीक्षाओं के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीकों को पहनने की अनुमति दे दी है। इस संबंध में सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है, जो स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में लागू होगा।
सरकार के नए आदेश के तहत अब सिख विद्यार्थी परीक्षा केंद्रों में कृपाण पहनकर परीक्षा दे सकेंगे, वहीं विवाहित महिलाएं मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा में शामिल हो सकेंगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला परीक्षाओं की निष्पक्षता और सुरक्षा बनाए रखते हुए धार्मिक अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से लिया गया है। Haryana Exam Rules
हालांकि, सरकार ने इस छूट के साथ कुछ शर्तें भी तय की हैं। आदेश के अनुसार सिख उम्मीदवार केवल निर्धारित मापदंडों वाली कृपाण ही परीक्षा केंद्र में ले जा सकेंगे। कृपाण की कुल लंबाई 9 इंच यानी 22.86 सेंटीमीटर और ब्लेड की लंबाई 6 इंच यानी 15.24 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही ऐसे उम्मीदवारों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम एक घंटे पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा, ताकि सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी की जा सके।
वहीं विवाहित महिलाओं को मंगलसूत्र पहनकर परीक्षा देने की अनुमति दी गई है, लेकिन उन्हें भी निर्धारित समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचना होगा। सरकार के आदेश के मुताबिक विवाहित महिलाओं को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य किया गया है, जिससे सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत न हो। Haryana Exam Rules
सरकार के अनुसार यह फैसला इसलिए लिया गया है क्योंकि हरियाणा में आयोजित विभिन्न परीक्षाओं के दौरान सिख छात्रों और विवाहित महिलाओं को बार-बार कृपाण और मंगलसूत्र को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। कई मामलों में अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर रोका गया या धार्मिक प्रतीक हटाने के लिए मजबूर किया गया, जिससे असंतोष और विवाद की स्थिति बनी। Haryana Exam Rules

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह निर्णय दिल्ली हाईकोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों के अनुरूप लिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के डब्लूपी (सी) 7550/2017, डब्लूपी (सी) 13086/2018, रिव्यू याचिका 402/2019, डब्लूपी (सी) 10550/2019 और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सीडब्लूपी-पीआईएल-65-2019 जैसे मामलों में यह स्पष्ट किया गया है कि परीक्षाओं का सुचारू और निष्पक्ष संचालन जरूरी है, लेकिन इसके साथ-साथ नागरिकों के धार्मिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
Haryana Exam Rules- हरियाणा सरकार के इस फैसले को धार्मिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक संतुलन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस आदेश के लागू होने से भविष्य में परीक्षाओं के दौरान किसी भी अभ्यर्थी को अपने धार्मिक प्रतीकों को लेकर अपमान या असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।


