77th Republic Day Parade, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: देशभर में सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा, जिसके मुद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जम्मू-कश्मीर व पूर्वोत्तर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 77वीं गणतंत्र दिवस परेड 2026 एक यादगार कार्यक्रम बनने जा रहा है, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति को दिखाया जाएगा। यह समारोह भारतीय वायु सेना के 29 विमानों के फ्लाईपास्ट के साथ खत्म होगा। खास बात यह है कि इस साल भारतीय वायु सेना ‘सिंदूर’ फॉर्मेट दिखाएगी।
पूर्व संध्या पर आज शाम देश को संबोधित करेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 26 जनवरी को दिल्ली में कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस समारोह में देश का नेतृत्व करेंगी। वहीं गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज शाम को वह देश को संबोधित करेंगी। शाम 7 बजे से पूरे देश में आकाशवाणी नेटवर्क पर उनका संबोधन प्रसारित किया जाएगा और सभी दूरदर्शन चैनलों पर हिंदी में, उसके बाद अंग्रेजी संस्करण में टेलीकास्ट किया जाएगा। क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारण दूरदर्शन और आकाशवाणी के क्षेत्रीय नेटवर्क पर शाम को बाद में होगा।
यादगार कार्यक्रम बनने जा रहा 77वीं गणतंत्र दिवस परेड
77वीं गणतंत्र दिवस परेड एक यादगार कार्यक्रम बनने जा रहा है, जिसमें भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सैन्य शक्ति और तकनीकी प्रगति को दिखाया जाएगा। इस बार कर्तव्य पथ पर निकाली जाने वाली परेड राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने का प्रतीक होगी और इसमें कुल 30 झांकियां शामिल होंगी। 17 झांकियां राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से और 13 मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं से परेड में शामिल होंगी। परेड सुबह 9:30 बजे शुरू होगी, जिसका लाइव टेलीविजन कवरेज सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा। एंट्री गेट सुबह 7 बजे से खुलेंगे।
इस थीम के तहत आयोजित की गई हैं 30 झांकियां
30 झांकियां ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम और समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ थीम के तहत आयोजित किया गया है। केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों की झांकियों में असम की टेराकोटा शिल्प, मणिपुर की कृषि प्रगति, और हिमाचल प्रदेश की देव भूमि के रूप में पहचान शामिल है। वहीं मंत्रालयों और सेवाओं से शामिल 13 झांकियों में भारतीय वायु सेना द्वारा एक विशेष पूर्व सैनिकों की झांकी भी शामिल है।
पहली बार होने वाली कई ऐतिहासिक चीजें
इस बार गणतंत्र दिवस पर कई ऐतिहासिक चीजें पहली बार होने वाली हैं, जिनमें भैरव लाइट कमांडो बटालियन और रिमाउंट एंड वेटरनरी कॉर्प्स (आरवीसी) के विशेष रूप से तैयार किए गए पशु दल की पहली उपस्थिति भी। इसके अलावा 2025 के आॅपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सैन्य एकजुटता का महत्वपूर्ण प्रदर्शन भी ऐतिहासिक चीजों में शामिल है।
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