बजट-2026 का सीधा संदेश है…आक्रामक सुधार और तेज वृद्धि
Budget 2026 (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : एक फरवरी को जब देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का आम बजट पेश करेंगी तो उनका लक्ष्य पिछले कुछ समय से चल रहे आर्थिक सुधारों और देश की अर्थव्यवस्था की तेजी को बनाए रखना होगा। दरअसल मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में सुधारों के अच्छे परिणाम दिखे हैं। विशेषकर पिछले छह माह में काफी सुगम परिणाम सामने आए हैं।
अमेरिकी टैरिफ से देश के उद्योग को राहत दिलाने के लिए सितंबर में लागू किए गए जीएसटी सुधारों ने भारत की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक दी है। वैश्विक परिस्थितियों और अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को नकारते हुए देश की अर्थव्यवस्था की विकास दर ने पूरी दुनिया को हैरत में डाल दिया है।
एफडीआई और पीएलआई में तेज वृद्धि
महज एक साल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 73 फीसदी की रिकॉर्ड बढ़त देखने को मिली है। इस दौरान 47 अरब डॉलर का निवेश भारत आया। उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के कारण विनिर्माण और निर्यात में भी 20 फीसदी की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात ने 37 फीसदी की छलांग लगाई और पहली बार 4.15 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। स्मार्टफोन निर्यात भी 30 अरब डॉलर के पार है। बजट इन्हीं सफलताओं को नया आधार देगा।
सुधार आधारित होगा इस साल का बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को सुधार आधारित बजट पेश करने जा रही हैं। यह बजट देश की विकास दर को रफ्तार देने वाला होगा। साथ ही, भारत को सुरक्षित निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। बजट-2026 का सीधा संदेश है…आक्रामक सुधार और तेज वृद्धि। रिकॉर्ड नौवीं बार बजट पेश करने जा रहीं वित्त मंत्री निवेश बढ़ाने के लिए इंडिया डेवलपमेंट एंड स्ट्रैटेजिक फंड की घोषणा कर सकती हैं। यह फंड हरित ऊर्जा, एमएसएमई और युवा कौशल विकास की दिशा बदलने वाला होगा।
भारत बदल रहा अपनी व्यापारिक नीति
भारत अब तक 27 देशों से मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) कर चुका है। इस साल एक दर्जन और देशों से समझौते होने हैं। सरकार की रणनीति साफ है। अमेरिका पर निर्यात निर्भरता कम करनी है और नए बाजार तलाशने हैं। भारत के इन प्रयासों से अमेरिका पर भी प्रभाव पड़ रहा है और टैरिफ को लेकर उसका रवैया भी बदलने की उम्मीद है।
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