- व्यापार संगठनों, मीडिया व राजनेताओं ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया
- व्यापार समझौते को इस दशक का सबसे महत्वपूर्ण व्यापार बताया
- आर्थिक और राजनीतिक रिश्ते होंगे काफी मजबूत : यूरोपियन लीडर्स
European Leaders On FTA agreement, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: भारत और यूरोपियन यूनियन (ईयू) के बीच हाल ही में पूर्ण हुए मुक्त व्यापार समझौते को अंतर्राष्ट्रीय मीडिया, वैश्विक व्यापार संगठनों, राजनेताओं और सम्मानित नीति विशेषज्ञों ने इस दशक के सबसे अहम ट्रेड एग्रीमेंट्स में से एक बताया है। उन्होंने इस समझौते को आर्थिक और भू-राजनीतिक दोनों तरह से ऐतिहासिक, रणनीतिक और सही समय पर उठाया गया कदम बताया है। दुनिया के प्रमुख मीडिया संस्थानों ने भारत-ईयू एफटीए की व्यापकता, महत्वाकांक्षा और रणनीतिक समय का उल्लेख किया है। कई सीनियर यूरोपियन पॉलिटिकल नेताओं ने इस एग्रीमेंट का सबके सामने स्वागत किया।
दोनों तरफ से अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील : अलेक्जेंडर स्टब
फिनिश प्रेसिडेंट अलेक्जेंडर स्टब ने भारत-ईयू एफटीए को ऐतिहासिक और दोनों तरफ से अब तक की सबसे बड़ी ट्रेड डील बताया। उन्होंने कहा कि इससे इकोनॉमिक और पॉलिटिकल रिश्ते काफी मजबूत होंगे। स्वीडन के प्राइम मिनिस्टर उल्फ क्रिस्टरसन ने कहा कि यह एग्रीमेंट कोआपरेशन के एक नए युग की शुरूआत है जो ट्रेड और पार्टनरशिप के जरिए खुशहाली, कॉम्पिटिटिवनेस और सिक्योरिटी को मजबूत करेगा।
भारत-ईयू एग्रीमेंट बड़े ग्लोबल पैटर्न का हिस्सा
ब्लूमबर्ग ने डैन स्ट्रम्पफ के एक एनालिसिस में, जिसका टाइटल था ‘आल रोड्स लीड टू मोदी ऐज वर्ल्ड हेजेज ट्रंप’, भारत-ईयू एग्रीमेंट को एक बड़े ग्लोबल पैटर्न का हिस्सा बताया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि नई दिल्ली को तेजी से गो-टू स्ट्रेटेजिक पार्टनर के तौर पर देखा जा रहा है। इसमें गहरे सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन की ओर भी इशारा किया गया। कहा गया कि कारों पर ड्यूटी पहले के 100 प्रतिशत से ज्यादा लेवल से घटकर 10 प्रतिशत जितनी कम हो जाएगी, जबकि आॅटो कंपोनेंट्स पर टैरिफ पूरी तरह खत्म कर दिए जाएंगे।
डील ग्लोबल टैरिफ में रुकावटों के जवाब में बड़ी मिडिल पावर्स
वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) ने इस डील को ग्लोबल टैरिफ में रुकावटों के जवाब में बड़ी मिडिल पावर्स का बताया। उसने कहा कि कैसे भारत-ईयू ट्रेड पॉलिसी से पैदा हुई अनिश्चितता के बीच अपने अलायंस बढ़ा रहे हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स ने जोर दिया कि यह एग्रीमेंट लगभग दो दशकों की बातचीत के बाद दुनिया के सबसे बड़े इकोनॉमिक ब्लॉक और सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी इकोनॉमी को एक साथ लाता है। वॉशिंगटन पोस्ट ने इसे इंडिया-ईयू एफटीए को ऐतिहासिक एग्रीमेंट बताया। इस अमेरिकी अखबार ने इसकी हेडलाइन दी, ‘भारत और ईयू ने एक ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट में ‘मदर आॅफ आॅल डील्स’ हासिल की। द गार्डियन और बीबीसी ने भी ऐसी ही बातें कहीं, और बार-बार इस डील को ‘मदर आॅफ आॅल ट्रेड डील्स’ कहा।
रॉयटर्स ने इसे एक लैंडमार्क एग्रीमेंट बताया और कहा कि ज्यादातर चीजों पर टैरिफ कम कर दिए जाएंगे, जबकि एसोसिएटेड प्रेस ने इस समझौते के पैमाने पर जोर दिया और बताया कि यह ग्लोबल ट्रेड का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। पाकिस्तानी पत्रकार कमर चीमा ने फॉक्स न्यूज पर कमेंट में कहा कि भारत इस एग्रीमेंट का एक बड़ा फायदा उठाने वाला है, क्योंकि कई खास सेक्टर में टैरिफ जीरो हो गए हैं। उन्होंने कहा कि एफटीए लागू होने के बाद पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों को यूरोपियन मार्केट में भारत के साथ मुकाबला करने में मुश्किल हो सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी को असली विजेता
द टेलीग्राफ (The Telegraph) ने जेम्स क्रिस्प (James Crisp) के ‘मोदी इज द रियल विनर इन मदर आॅफ आॅल ट्रेड डील्स विद् ईयू’ शीर्षक से लेख में इस समझौते को सभी व्यापार समझौतों की जननी बताते हुए कहा कि भारत इस मामले में असली रणनीतिक विजेता के रूप में उभरा है। रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत को होने वाले ईयू के 96.6 प्रतिशत एक्सपोर्ट पर टैरिफ खत्म कर दिए जाएंगे या कम कर दिए जाएंगे, जबकि ईयू सात साल की अवधि में भारतीय सामानों पर 99.5 प्रतिशत टैरिफ कम करेगा।
लगभग दो अरब लोगों को होगा फायदा : आस्ट्रियन चांसलर
आस्ट्रियन चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर (Austrian Chancellor Christian Stocker) ने कहा, यह डील एक फ्री ट्रेड जोन बनाती है जिससे लगभग दो अरब लोगों को फायदा होगा और इसे तेजी से बदलते ग्लोबल आॅर्डर में यूरोप की मजबूती के लिए एक बड़ा कदम बताया। डेनमार्क के फॉरेन मिनिस्टर लार्स लोके रासमुसेन ने इसे जियोपॉलिटिकली जरूरी बताया और दो अरब लोगों के मिले-जुले मार्केट में फर्स्ट-मूवर एडवांटेज पर जोर दिया। फ्रांस के विदेश व्यापार मंत्री निकोलस फोरिसियर ने इस समझौते को एक बड़ा राजनीतिक कदम बताया और जोर देकर कहा कि ‘यह दूसरों जैसा समझौता नहीं है। इटली के एमईपी सैंड्रो गोजी ने कहा कि यह डील ईयू की पार्टनरशिप में विविधता लाने और आॅटोनॉमी बढ़ाने की जरूरत को दिखाती है।
भारत-ईयू के बीच मुक्त व्यापार एक ‘बड़ा पल’
भारत में काम कर रहे यूरोपियन और ग्लोबल बिजनेस लीडर्स ने इस पर बहुत उम्मीद जताई। एयरबस में इंडिया और साउथ एशिया के प्रेसिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर और फेडरेशन आफ यूरोपियन बिजनेस इन इंडिया के प्रेसिडेंट जुर्गेन वेस्टरमेयर ने 20 साल की बातचीत के बाद एफटीए को एक ‘बड़ा पल’ बताया और कहा कि इससे दोनों पक्षों के लिए मौके बढ़ेंगे। एयरबस इंटरनेशनल के प्रेसिडेंट वाउटर वैन वर्श ने इस समझौते को ‘शानदार दिन’ बताया और मेक इन इंडिया के लिए एयरबस के लंबे समय के कमिटमेंट को दोहराया।
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