Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करनाल के कैथल रोड स्थित जेल अकादमी में आयोजित दीक्षांत परेड समारोह के दौरान जेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जेल कर्मियों के साथ लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को दूर करने के लिए ठोस कदम उठा रही है।
सीएम नायब सिंह सैनी ने ऐलान किया कि अब जेल वार्डन को हेड वार्डन बनने के लिए 20 वर्ष की सेवा पूरी करने की बाध्यता नहीं होगी। यदि वार्डन का सेवा रिकॉर्ड अच्छा रहा तो उसे 18 वर्ष की सेवा के बाद ही पदोन्नति का अवसर मिल सकेगा। इस फैसले से जेल विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक बनेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग में पदक प्राप्त करने वाले कर्मियों को पिछले दो दशकों से सेवा विस्तार का लाभ मिलता रहा है, लेकिन जेल विभाग के कर्मियों के लिए अब तक ऐसी कोई नीति लागू नहीं थी, जबकि उनकी ड्यूटी भी उतनी ही चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरी होती है। इस असमानता को समाप्त करते हुए सरकार ने निर्णय लिया है कि करेक्शनल मेडल प्राप्त करने वाले जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को एक वर्ष का सेवा विस्तार दिया जाएगा।
नायब सिंह सैनी ने यह भी कहा कि जेल वार्डन और हेड वार्डन की ड्यूटी पुलिस कर्मियों के समान ही जोखिमपूर्ण होती है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मिलने वाले भत्ते पुलिस कांस्टेबलों की तुलना में काफी कम थे। इस अंतर को खत्म करते हुए अब जेल वार्डनों और हेड वार्डनों को पुलिस विभाग के कांस्टेबलों के समान भत्ते दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में जेल वार्डनों को 600 रुपये प्रति माह मिलने वाला राशन भत्ता आगामी वित्त वर्ष से बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह कर दिया जाएगा। इसी तरह कन्वेंस भत्ता, जो अभी मात्र 50 रुपये प्रति माह है, उसे 14 गुना बढ़ाकर 720 रुपये प्रति माह किया जाएगा। इसके अलावा वर्दी भत्ता भी 3 हजार रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर 7500 रुपये प्रति वर्ष कर दिया जाएगा।
इन सभी घोषणाओं से राज्य सरकार पर कुल 26 करोड़ 35 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार पड़ेगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार जेल विभाग के कर्मियों के हित में इस वित्तीय बोझ को सहर्ष स्वीकार करेगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उनका सम्मान और सुविधाएं पुलिस कर्मियों के बराबर हों।

