कहा, अगले पांच वर्षों में भारत अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के सामान का आयात कर सकता है
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत के उद्योग और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते बारे कहा है कि विकसित भारत के लक्ष्य को पाने और इस सपने को साकार करने के लिए भविष्य में हमारे लिए अमेरिका का सहयोग बहुत अहम होगा। हालांकि उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर भारत की ओर से अमेरिका में किसी निवेश की कोई प्रतिबद्धता नहीं की गई है।
इन क्षेत्रों में करना होगा आयात
उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ते भारत को आने वाले वर्षों में अमेरिका से बड़ी मात्रा में ऊर्जा, डेटा सेंटर उपकरण, आईसीटी उत्पाद और अन्य वस्तुओं की जरूरत होगी। गोयल ने कहा कि अमृतकाल के दौरान भारत की तेज आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ स्टील क्षमता मौजूदा 140 मिलियन टन से बढ़कर अगले कुछ वर्षों में करीब 300 मिलियन टन तक पहुंचने की योजना है। इसी तरह, ऊर्जा और डिजिटल अवसंरचना की मांग भी तेजी से बढ़ेगी। उनके अनुसार, अगले पांच वर्षों में भारत अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के सामान का आयात कर सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह दावा किया था
ज्ञात रहे कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में एक व्यापार समझौते की घोषणा करते हुए दावा किया था कि भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है। इस पर सफाई देते हुए गोयल ने कहा कि यह निवेश प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि संभावित सोर्सिंग और खरीद का आंकलन है। उन्होंने बताया कि भारत की अमेरिका से होने वाली विमान खरीद मौजूदा और प्रस्तावित आॅर्डर करीब 70 से 80 अरब डॉलर की है। इंजनों और स्पेयर पार्ट्स को जोड़ने पर यह खर्च 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। इसके अलावा, बजट में डेटा सेंटरों को दी गई टैक्स हॉलिडे का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अगर डेटा सेंटरों में 100 से 150 अरब डॉलर का निवेश आता है, तो उनके लिए आवश्यक उपकरणों की मांग भी बड़े पैमाने पर होगी।
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