दिल्ली से सटे गुड़गांव को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। सेक्टर 36बी और 37बी में 1003 एकड़ में विकसित हो रहे ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट के तहत अब देश की सबसे ऊंची इमारत बनाने का फैसला लिया गया है। हालांकि इस इमारत की अंतिम ऊंचाई अभी तय नहीं की गई है, लेकिन प्रस्ताव को सैद्धांतिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। यह इमारत न सिर्फ गुड़गांव बल्कि पूरे एनसीआर की स्काईलाइन को पूरी तरह बदलने वाली मानी जा रही है।
सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को वैश्विक स्तर का बनाने के लिए अडवाइजर कंसलटेंट की तलाश शुरू कर दी है। योजना है कि विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय कंसल्टेंट्स की मदद से इस इमारत को विकसित किया जाए, ताकि डिजाइन, निर्माण तकनीक और सुरक्षा के सभी मानक अंतरराष्ट्रीय स्तर के हों। प्रशासन का फोकस है कि यह इमारत भारत की शहरी विकास क्षमता का प्रतीक बने।
प्रस्तावित सुपर टॉल इमारत को मल्टी-यूज डेवेलपमेंट के तौर पर विकसित किया जाएगा। इसमें कॉरपोरेट ऑफिस स्पेस, लग्जरी होटल, रेजिडेंशल फ्लैट्स, कन्वेंशन सेंटर, ऑब्जर्वेशन डेक, स्काई व्यू गैलरी, हाई-एंड रिटेल स्पेस और एंटरटेनमेंट जोन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं शामिल करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य है कि यह इमारत कामकाज, रहन-सहन और पर्यटन तीनों का केंद्र बने और गुड़गांव को एक ग्लोबल बिजनेस हब के रूप में स्थापित करे।
हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा है कि ग्लोबल सिटी प्रोजेक्ट राज्य के औद्योगिक और शहरी विकास का भविष्य है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना न केवल निवेश आकर्षित करेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी। देश की सबसे ऊंची इमारत का प्रस्ताव इसी विजन का हिस्सा है, जिससे हरियाणा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिलेगी।
सरकार और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना के हर पहलू पर गंभीरता से मंथन कर रही हैं। इमारत की अधिकतम ऊंचाई, एविएशन सेफ्टी, एयर ट्रैफिक पर संभावित प्रभाव, लाइटिंग सिस्टम और आपातकालीन सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी जरूरी मंजूरियों और तकनीकी आकलन के बाद ही निर्माण की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा।
देश की सबसे ऊंची इमारत का यह प्रस्ताव गुड़गांव को उन वैश्विक शहरों की कतार में खड़ा करने की कोशिश है, जहां आइकॉनिक स्ट्रक्चर शहर की पहचान बनते हैं। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो आने वाले वर्षों में गुड़गांव भारत के सबसे आधुनिक और पहचान वाले शहरों में शामिल हो सकता है।

