भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते से मिलेंगे नए अवसर : रिपोर्ट
India-US Trade Deal (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका में होने वाले द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा रहा है। दोनों देश ऐसे व्यापार समझौता तैयार कर रहे हैं जो दोनों देशों के लिए बराबर का लाभदायक हो। बताया जा रहा है कि मार्च में दोनों देश इस समझौते पर हस्ताक्षर कर देंगे। इसी बीच इस व्यापार समझौते को लेकर एक नई रिपोर्ट सामने आई है जाकि एसबीआई द्वारा तैयार की गई है।
इस रिपोर्ट में व्यापार समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में कटौती निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने का सुनहरा मौका बताया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि यह समझौता व्यापार अधिशेष के लिहाज से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद है।
निर्यात में आएगी जबरदस्त तेजी
रिपोर्ट के मुताबिक, टैरिफ कटौती के बाद निर्यात में तेज वृद्धि और अमेरिकी बाजारों में अधिक आयात से भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष (ट्रेड सरप्लस) सालाना 90 अरब डॉलर के पार पहुंच सकता है। रिपोर्ट एक दिलचस्प आंकड़े की ओर इशारा कर रही है। भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले टॉप-15 उत्पादों में सालाना 97 अरब डॉलर के अतिरिक्त निर्यात की क्षमता है।
अगर अन्य उत्पादों को जोड़ लिया जाए, तो यह आंकड़ा आसानी से 100 अरब डॉलर के पार पहुंच जाएगा। आपको बता दें कि 2024-25 में भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष 40.9 अरब डॉलर था, जिसके अब दोगुना से ज्यादा होने की उम्मीद है। इसका भारतीय जीडीपी पर करीब 1.1 फीसदी सकारात्मक असर पड़ सकता है। 2025-26 के पहले नौ माह में व्यापार अधिशेष 26 अरब डॉलर रहा है।
बढ़ सकता है अमेरिका से आयात
व्यापार समझौते की घोषणा के तहत भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कृषि एवं खाद्य उत्पादों पर टैरिफ कम करने या खत्म करने पर सहमति जताई है। वहीं, कुछ कमोडिटीज को छोड़कर भारत के आयात में अमेरिका की हिस्सेदारी पहले से ही 20-40 फीसदी के बीच है। टैरिफ कम होने पर इसके और बढ़ने का अनुमान है। इससे अमेरिका से आयात में 55 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हो सकती है।
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