BNP Wins Elections, (द भारत ख़बर), ढाका: बांग्लादेश आम चुनाव में बहुमत हासिल करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के प्रमुख तारिक रहमान राजनीति के लिए कोई नया नाम नहीं हैं। गौरतलब है कि बांग्लादेश में गुरुवार को आम चुनाव हुए हैं और बीते कल शाम को ही परिणाम आए जिसमें बीएनपी सबसे ज्यादा सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। इसके बाद तारिक रहमान देश के प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं।
1990 के दशक में राजनीति में कदम रखा
बता दें कि कभी निर्वासन में तो कभी अदालतों के कठघरे में खड़े पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक 17 साल के निर्वासन के बाद लंदन से पिछले ही साल स्वदेश लौटे हैं। उन्होंने 1990 के दशक में सक्रिय राजनीति में कदम रखा था।
तारिक की वापसी ने कार्यकर्ताओं में भरा नया जोश
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार तारिक रहमान की वापसी ने बीएनपी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरा और उसकी का नतीजा है कि बीएनपी चुनाव जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन गई। एक कारण अवामी लीग की गैरमौजूदगी भी रही जिसने इस चुनावी मुकाबले को बिल्कुल नई दिशा दी। पूर्व पीएम शेख हसीना के पद छोड़ने के बाद विपक्ष को बड़ा मौका मिला और इस कारण भी बीएनपी बड़ी और संगठित ताकत के तौर पर उभरी है।
विरासत में मिली राजनीति
तारिक रहमान को इस तरह राजनीति विरासत में मिली है। वर्ष 2001 से 2007 के बीच उनकी पार्टी बीएनपी की सरकार बनी थी और उस दौरान तारिक रहमान पार्टी में बहुत प्रभावशाली बन गए। तभी उन्हें ‘डार्क प्रिंस’ भी कहा गया क्योंकि माना जाता था कि सत्ता के पीछे रहकर वह ही रणनीतियां बनाते थे। इसलिए तारिक की छवि एक रणनीतिकार की रही है। कहा जाता है कि वह पर्दे के पीछे से बीएनपी की दिशा तय करते थे। इसी दौर में वह कई विवादों में भी घिरे रहे।
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